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महाशक्तियों में महाटक्कर की आहट: चिनफिंग-ट्रंप मुलाकात से पहले चीन ने ताइवान को बताया 'रेड लाइन'

Published: Wed, 23 Sep 2026 02:11 AM (IST)

चीन ने ताइवान को अमेरिका के साथ अपने संबंधों में ‘रेड लाइन’ बताते हुए संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं करेगा।

चिनफिंग-ट्रंप मुलाकात से पहले चीन ने ताइवान को बताया 'रेड लाइन' (फोटो- रॉयटर)

चिनफिंग-ट्रंप मुलाकात से पहले चीन ने ताइवान को बताया 'रेड लाइन' (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. शी-ट्रंप वार्ता से पहले बीजिंग का कड़ा संदेश, हथियार सौदे पर भी विरोध की तैयारी

  2. पीपुल्स डेली ने ताइवान को चीन-अमेरिका रिश्तों में ‘गार्डरेल’ और ‘सेफ्टी नेट’ बताया

पीटीआई, बीजिंग। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात से पहले चीन ने ताइवान को लेकर अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है।

चीन ने ताइवान को अमेरिका के साथ अपने संबंधों में ‘रेड लाइन’ बताते हुए संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं करेगा। राष्ट्रपति शी चिनफिंग की गुरुवार को ट्रंप से होने वाली मुलाकात से पहले बीजिंग की यह चेतावनी अहम मानी जा रही है।

चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसके अमेरिका के साथ सैन्य संबंधों का लगातार विरोध करता रहा है। शी की ट्रंप के साथ बातचीत में ताइवान को हथियारों की अमेरिकी बिक्री का मुद्दा प्रमुखता से उठने की उम्मीद है। फिलहाल करीब 11 अरब डालर का हथियार पैकेज अमेरिका की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ‘पीपुल्स डेली’ ने अपने पहले पन्ने पर प्रकाशित लेख में ताइवान के मुद्दे को चीन-अमेरिका संबंधों की स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।

लेख में कहा गया कि ‘ताइवान की आजादी’ के मुद्दे को सही ढंग से संभालना दोनों देशों के बीच रचनात्मक रणनीतिक स्थिरता के लिए जरूरी है।

लेख में ताइवान की आजादी की वकालत करने वाली ताकतों को बीजिंग और वाशिंगटन का ‘साझा दुश्मन’ बताया गया। इसमें अमेरिका को ताइवान के मुद्दे पर बेहद सावधानी से कदम उठाने की चेतावनी दी गई और कहा गया कि इससे चीन-अमेरिका संबंधों तथा ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

हांगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने इस लेख का हवाला देते हुए कहा कि बीजिंग ने ताइवान को चीन-अमेरिका संबंधों में ‘रेड लाइन’ के साथ-साथ ‘गार्डरेल’ और ‘सेफ्टी नेट’ के रूप में पेश किया है।

जापान पर भी नजरइस बीच बीजिंग जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की ट्रंप के साथ प्रस्तावित मुलाकात पर भी नजर रख रहा है। चीन और जापान के बीच पिछले साल नवंबर से तनाव बढ़ा है।

ताकाइची ताइवान को लेकर किसी संभावित संकट को जापान की सुरक्षा और अस्तित्व के लिए खतरे से जोड़ चुकी हैं। ऐसे में उनकी ट्रंप के साथ बातचीत भी बीजिंग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।