कौन है मादुरो के केस की सुनवाई करने वाले जज अल्विन के. हेलरस्टीन, 92 साल की उम्र में भी नहीं हुए रिटायर
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के गंभीर आरोप हैं। 92 वर्षीय ...और पढ़ें
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आल्विन अपनी कानूनी समझ और सख्ती के लिए वे मशहूर हैं। (फाइल फोटो)
HighLights
मादुरो पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के गंभीर आरोप।
92 वर्षीय अनुभवी जज अल्विन हेलरस्टीन कर रहे सुनवाई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ने खुद को बेकसूर बताया, लेकिन यह मामला अमेरिकी न्याय व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक पल बन गया। इस हाई-प्रोफाइल केस की कमान 92 साल के अनुभवी जज अल्विन के. हेलरस्टीन संभाल रहे हैं। उन्होंने दशकों लंबे करियर में कई बड़े और विवादास्पद मामलों को हैंडल किया है।
मादुरो दंपती को अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया था। मैनहट्टन की फेडरल कोर्ट में जज हेलरस्टीन के सामने पेशी के दौरान मादुरो ने जोर देकर कहा कि वे अभी भी वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति हैं और खुद को निर्दोष बताया है। जज ने उन्हें टोकते हुए सिर्फ पहचान और आरोपों की समझ की पुष्टि कराई। यह केस 2020 में दाखिल हुए ड्रग तस्करी के आरोपों पर आधारित है। इसमें वेनेजुएला के पूर्व खुफिया प्रमुख ह्यूगो कार्वाजल को पहले ही सजा हो चुकी है।
जज हेलरस्टीन कौन हैं?
अल्विन हेलरस्टीन का जन्म 1933 में न्यूयॉर्क में हुआ था। उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली। 1957 से 1960 तक अमेरिकी आर्मी में वकील के तौर पर सेवा की, फिर प्राइवेट प्रैक्टिस में आए। 1998 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने उन्हें न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट के फेडरल जज के रूप में नियुक्त किया था। अब वह सीनियर स्टेटस पर हैं, लेकिन बड़े मामलों को संभालते रहते हैं। उनकी उम्र भले ही 92 साल हो, लेकिन कानूनी समझ और सख्ती के लिए वे मशहूर हैं।
हेलरस्टीन ने अपने लंबे करियर में कई संवेदनशील मामलों की सुनवाई की है। इनमें 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों से जुड़े हजारों सिविल केस शामिल हैं। उन्होंने इन मामलों को समझदारी से हैंडल कर सेटलमेंट तक पहुंचाया था।
ट्रंप प्रशासन को लेकर सख्त रवैया
हेलरस्टीन ने कई बार डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े मामलों में फैसले दिए जो विवादास्पद रहे। उन्होंने ट्रंप की न्यूयॉर्क हश मनी केस को फेडरल कोर्ट में ट्रांसफर करने की अर्जी खारिज कर दी थी।
पिछले साल ट्रंप प्रशासन की वेनेजुएला के कथित गैंग मेंबर्स को बिना सुनवाई डिपोर्ट करने की कोशिश को भी रोक दिया। इन फैसलों से साफ है कि वे कानून के सामने किसी को विशेष रियायत नहीं देते। 2015 में एक महत्वपूर्ण फैसले में हेलरस्टीन ने अमेरिकी सरकार को इराक और अफगानिस्तान में कैदियों के साथ दुर्व्यवहार की तस्वीरें जारी करने का आदेश दिया था।
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