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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    America : आकाशीय बिजली की चपेट में आई भारतीय मूल की छात्रा की सेहत में आया सुधार, हटाया गया वेंटिलेटर

    By Jagran NewsEdited By: Jagran News Network
    Updated: Fri, 28 Jul 2023 10:07 AM (GMT+05:30)

    ह्यूस्टन विश्वविद्यालय की 25 वर्षीय भारतीय मूल की छात्रा की सेहत में अब सुधार है। डॉक्टरों ने कहा कि छात्रा को वेंटिलेटर से अलग कर दिया गया है। अब उनक ...और पढ़ें

    अमेरिका के ह्यूस्टन विश्वविद्यालय की 25 वर्षीय भारतीय मूल की छात्रा की सेहत में अब सुधार है। (Photo Source:twitter)
    अमेरिका के ह्यूस्टन विश्वविद्यालय की 25 वर्षीय भारतीय मूल की छात्रा की सेहत में अब सुधार है। (Photo Source:twitter)

    HighLights

    1. बिजली की चपेट में आई भारतीय छात्रा की सेहत में सुधार
    2. अपने आप सांस ले रही छात्रा
    3. माता-पिता छात्रा से मिलने जाएंगे अमेरिका

    ह्यूस्टन (टेक्सास), पीटीआई। अमेरिका के ह्यूस्टन विश्वविद्यालय (UH) की 25 वर्षीय भारतीय मूल की छात्रा की सेहत में अब सुधार है। डॉक्टरों ने कहा कि अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रही छात्रा को वेंटिलेटर से अलग कर दिया गया है। अब उनकी सेहत में सुधार है।

    ह्यूस्टन विश्वविद्यालय (UH) में सूचना प्रौद्योगिकी की पढ़ाई करने वाली फोरन एक्सजेंच की छात्रा सुसरून्या कोडुरु 2 जुलाई को सैन जैकिंटो स्मारक पार्क में अपने दोस्तों के साथ तालाब के किनारे घूम रही थीं, तभी उनके ऊपर बिजली गिर गई।

    वेंटीलेटर से छात्रा को हटाया गया

    अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, वह पिछले सप्ताह से अपने आप सांस ले रही है और उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। उनकी हालत पर नजर रख रहे डॉक्टरों ने कहा कि वेंटीलेटर के बिना भी उनकी तबीयत ठीक है और अगर उनकी रिकवरी जारी रही तो उन्हें वेंटीलेटर की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    पीटीआई के मुताबिक, कोडुरु के माता-पिता हैदराबाद में रहते हैं। वो बेटी की खबर सुनने के बाद कुछ दिनों से अमेरिका आने की कोशिश कर रहे थे। अब उनका वीजा स्वीकृत हो गया है और वो अगले सप्ताह अमेरिका आ रहे हैं।

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    कोडुरु को ट्रेकियोस्टोमी के साथ वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, क्योंकि वह सांस लेने में असमर्थ थीं और उनका मस्तिष्क ठीक से काम नहीं कर रहा था।

    विश्वविद्यालय की तरफ से परिवार को मदद

    कोडुरु को लेकर ह्यूस्टन विश्वविद्यालय की तरफ से ट्विटर पर एक पोस्ट किया गया है। ह्यूस्टन की तरफ से कहा गया है कि वह भारत में उसके परिवार के साथ संपर्क में है और इस तरह की घटना को समझता है। स्थिति की तात्कालिकता को पहचानते हुए संस्थान ने कहा है कि वो छात्रा के माता-पिता की अमेरिकी वीजा प्रक्रिया में मदद कर रहा है।

    कोडुरु के चचेरे भाई सुरेंद्र कुमार कोथा ने कहा, "आकाशीय बिजली की चपेट में आने के साथ ही वह तालाब में जा गिरी। इसके बाद उसे दिल का दौरा भी पड़ गया और उसके मस्तिष्क को भी क्षति पहुंची है।" इसके बाद, उसके मस्तिष्क को भयानक क्षति हुई और वह कोमा में चली गई। सुरेंद्र ने कहा, उस समय कोडुरु अपने आप सांस लेने में असमर्थ थी और उसे ट्रेकियोस्टोमी के साथ वेंटीलेटर सपोर्ट की आवश्यकता थी।

    इलाज के लिए फंड जुटा रहा परिवार

    परिवार इलाज की रकम जुटाने के लिए "GoFundMe" के जरिए अपील कर रहा है। अपने सोशल मीडिया पेज पर परिवार ने सभी से मदद की अपील की है। परिवार ने लोगों से आग्रह किया है कि वे सभी कोडुरु की इलाज के लिए हर संभव मदद उन तक पहुंचाए। जिससे छात्रा पहले की तरह जल्दी से स्वस्थ हो जाए।

    अमेरिका में ह्यूस्टन विश्वविद्यालय से कोडुरु की सूचना प्रौद्योगिकी की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी। वो अमेरिका में इंटर्नशिप प्रोजेक्ट के लिए कोशिश कर रही थी। इसी बीच, वो आकाशीय बिजली की शिकार हो गई।