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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    OPEC फैसले को लेकर सऊदी अरब से खफा अमेरिका, बाइडन का कड़ा रुख; कहा- भुगतने होंगे नतीजे

    By Jagran NewsEdited By: Monika Minal
    Updated: Wed, 12 Oct 2022 11:43 AM (IST)

    अमेरिका के लगातार आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद पिछले सप्ताह ओपेक के सदस्य देशों ने तेल के उत्पादन में कटौती का फैसला लिया। बता दें कि दुनिया के बड़े ते ...और पढ़ें

    ओपेके फैसले को लेकर सऊदी अरब से खफा हुआ अमेरिका
    ओपेके फैसले को लेकर सऊदी अरब से खफा हुआ अमेरिका

    वाशिंगटन, रायटर्स। OPEC (Organization of the Petroleum Exporting Countries) देशों ने पिछले सप्ताह तेल का उत्पादन 20 लाख बैरल तक घटाने का फैसला किया। इसके बाद अमेरिका ने सऊदी अरब के प्रति नाराजगी जाहिर की है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को सऊदी अरब ओर अमेरिका के बीच संबंधों में खटास के संकेत दे दिए। उन्होंने कहा, ' OPEC के फैसले के बाद सऊदी अरब को अब दुष्परिणाम भुगतना होगा।'

    तेल के उत्पादन में कटौती का  फैसला 

    अमेरिका के लगातार आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद पिछले सप्ताह ओपेक के सदस्य देशों ने तेल के उत्पादन में कटौती का फैसला लिया। बता दें कि दुनिया के बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब से अमेरिका ने तेल उत्पादन बढ़ाने को लेकर अनेक बार बातचीत की थी।

    OPEC का सबसे प्रभावशाली देश सऊदी अरब

    समूह के सभी देशों में सऊदी अरब सबसे अधिक प्रभावशाली है। वैश्विक स्तर पर इस फैसले का असर होगा। इससे बचाव के लिए ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने सऊदी अरब को मनाने का भरसक प्रयास किया था लेकिन उसने अमेरिकी की बात को नहीं माना।

    सऊदी अरब पर बरसे डेमोक्रेटिक सीनेटर  

    बाइडन के इस अहम बयान से एक दिन पहले सशक्त डेमोक्रेटिक सीनेटर बाब मेनेंडेज (Bob Menendez) ने कहा था कि कहा कि अमेरिका को तुरंत सऊदी अरब के साथ अपने सभी साझीदारी को फ्रीज करने का महत्वपूर्ण निर्णय लेना चाहिए। इसमें हथियारों की बिक्री भी शामिल रहे।

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    कार्रवाई के लिए बाइडन ने नहीं बताया  निश्चित समय

    हालांकि बाइडन ने CNN के जेक टैपर के साथ इंटरव्यू में यह जानकारी नहीं दी कि किन विकल्पों पर वे विचार कर रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी करीन जीन पायरे (Karine Jean-Pierre) ने कहा कि पालिसी रिव्यू की जाएगी, लेकिन कार्रवाई के लिए उन्होंने कोई टाइमलाइन नहीं दी। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में अमेरिका हालात की मानिटरिंग करेगा।'

    साल 2018 में वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार जमाल खाशोगी की मौत मामले पर जुलाई में जेद्दा गए बाइडन और बिन सलमान के बीच बहस हो गई थी। अमेरिकी खुफिया विभाग का कहना है कि खाशोगी को मारने या पकड़ने के लिए क्राउन प्रिंस ने मंजूरी दी थी। हालांकि प्रिंस ने इससे इनकार किया लेकिन यह बताया कि पत्रकार की हत्या की जानकारी उन्हें थी।

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