यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chinese Spy Balloon: अमेरिका के ही इंटरनेट का उपयोग कर रहा था चीन का जासूसी गुब्बारा, ड्रैगन की चालबाजी का अमेरिकी अधिकारी ने किया खुलासा
चीनी जासूसी गुब्बारे ने साल 2023 की शुरुआत में अमेरिका को पार किया था। अब इस गुब्बारे को लेकर अमेरिका के एक अधिकारी ने खुलासा किया है। उन्होंने बताया ...और पढ़ें

HighLights
- अमेरिका के ही इंटरनेट का उपयोग कर रहा था चीन का जासूसी गुब्बारा
- डेटा को चीन भेजने के लिए किया था अमेरिकी इंटरनेट सेवा का उपयोग
वाशिंगटन, एएनआई। चीनी जासूसी गुब्बारे ने साल 2023 की शुरुआत में अमेरिका को पार किया था। अब इस गुब्बारे को लेकर अमेरिका के एक अधिकारी ने खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इस गुब्बारे ने नेविगेशन और स्थान से संबंधित कई तरह के डेटा को चीन भेजने के लिए एक अमेरिकी इंटरनेट सेवा का उपयोग किया था। समाचार एजेंसी एएनआई ने सीएनएन के हवाले से यह जानकारी दी है।
अमेरिका ने मार गिराया था जासूसी गुब्बारा
उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इसके कनेक्शन का उपयोग कर गुब्बारे के स्थान को ट्रैक करने में सफलता हासिल की थी। वहीं, गुब्बारे को किस कंपनी ने इंटरनेट सेवा दी थी, इसकी जानकारी अभी भी अज्ञात बनी हुई है। मालूम हो कि अमेरिका ने फरवरी में चीनी जासूसी गुब्बारे को सफलतापूर्वक मार गिराया था।
चीन बताता रहा है मौसम का गुब्बारा
वहीं, इस मामले पर एफबीआई और राष्ट्रीय खुफिया कार्यालय के निदेशक दोनों ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इधर, चीन लगातार इसको मौसम का गुब्बारा करार देता रहा है। चीन दावा करता रहा है कि अमेरिका द्वारा मारे गए गुब्बारा किसी भी तरह का कोई भी जासूसी गुब्बारा नहीं था, बल्कि वह एक मौसम का गुब्बारा था, जो अपने रास्ते से भटक गया था।
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अमेरिका में मचा था हड़कंप
मालूम हो कि अमेरिका में चीनी जासूसी गुब्बारा दिखने की वजह से हड़कंप मच गया था। हालांकि, इसे नष्ट करने की योजना भी बना ली गई थी, लेकिन मलबे की वजह से भारी तबाही का अंदेशा था। ऐसे में इसे तबाह नहीं किया गया था।