भारत-मध्य पूर्व और यूरोप आर्थिक कॉरिडोर के समर्थन में ट्रंप, बोले- ईरान के चेकपॉइंट्स बनाएं दूरी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत-मध्य पूर्व-यूरोप (IMEC) कॉरिडोर का खुला समर्थन किया है।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप।
HighLights
ट्रंप ने UNGA में IMEC कॉरिडोर का समर्थन किया।
ईरान को चेतावनी दी, कहा 'पूरी तरह तबाह कर देंगे'।
ईरानी अधिकारियों से न्यूयॉर्क में गोपनीय बैठक का खुलासा।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। एक तरफ वैश्विक राजनीति में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक को लेकर हलचल तेज है। वहीं दूसरी ओर पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है।
ट्रंप ने UNGA की बैठक के इतर अपने बयान में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) का जोरों से समर्थन किया। साथ ही कहा है कि मध्य पूर्व की ऊर्जा बुनियादी संरचना को ईरानी चेकपॉइंट्स और संवेदनशील मार्गों से दूर ले जाने की सख्त जरूरत है।
IMEC कॉरिडोर के समर्थन में क्या बोले ट्रंप?
बता दें कि खाड़ी देशों (GCC) और अरब नेताओं की बैठक को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार IMEC और अन्य वैकल्पिक माध्यमों का पूरा समर्थन करती है, जिससे तेल और व्यापार को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों में वाणिज्यिक जहाजरानी पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि वैकल्पिक रास्तों की तलाश करना कितना जरूरी हो गया है।
ईरान को पूरी तरह तबाह कर देंगे- ट्रंप
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को दो टूक चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर युद्ध खत्म करने के लिए जल्द समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका इस्लामिक गणराज्य को पूरी तरह तबाह कर देगा।
ईरान के साथ गुप्त बैठक
इतना ही नहीं बैठक को संबोधित करते हुए ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि उनके मुख्य दूतों ने न्यूयॉर्क में ईरानी अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक गोपनीय बैठक की है। इसके अलावा ट्रंप ने खाड़ी देशों के नेताओं को अमेरिका का सबसे करीबी और भरोसेमंद साथी बताया, जो मध्य को अधिक सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
अब समझिए क्या है IMEC कॉरिडोर?
गौरतलब है कि भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) की शुरुआत साल 2023 में की गई थी। ये भारत को खाड़ी देशों से और खाड़ी देशों को यूरोप से जोड़ने की योजना है। इस प्रोजेक्ट में रेलवे, शिप-टू-रेल ट्रांजिट नेटवर्क और सड़क मार्ग शामिल हैं, जिससे व्यापारिक रास्तों को सुरक्षित और तेज बनाया जा सकेगा।
जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी मौजूदा संघर्ष और समुद्री मार्ग पर मंडराते खतरों के बीच ट्रंप का यह बयान ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
