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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिका में भारतीय मूल की मोनिका सिंह ने रचा इतिहास, पहली महिला सिख जज बनीं, न्यायाधीश बोले- ये गौरव का क्षण

By AgencyEdited By: Mahen Khanna
Updated: Mon, 09 Jan 2023 10:37 AM (IST)

First Female Sikh Judge in US भारत में आज प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जा रहा है इस बीच अमेरिका की एक प्रवासी भारतीय ने देश का मान बढ़ाया है। भारतीय मूल की मनप्रीत मोनिका अमेरिका में पहली सिख महिला जज बन गई हैं। फोटो- ट्विटर

First Female Sikh Judge in US मोनिका सिंह।
First Female Sikh Judge in US मोनिका सिंह।

ह्यूस्टन, पीटीआई। देश में आज प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जा रहा है। प्रवासी भारतीयों ने दुनियाभर में देश का नाम रोशन किया है। इस बीच आज अमेरिका से ऐसी ही खबर सामने आई है, जहां भारतीय मूल की मनप्रीत मोनिका सिंह अमेरिका में पहली सिख महिला जज (First Female Sikh Judge in US) बन गई हैं। मोनिका ने हैरिस काउंटी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है। मोनिका सिंह का जन्म और पालन-पोषण ह्यूस्टन में हुआ था और अब वह अपने पति और दो बच्चों के साथ बेलेयर में रहती हैं।

मोनिका के पिता 1970 के दशक में गए थे US

मोनिका सिंह ने शुक्रवार को टेक्सास में लॉ नंबर 4 में हैरिस काउंटी सिविल कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। सिंह के पिता 1970 के दशक की शुरुआत में अमेरिका चले गए थे। 20 वर्षों से एक परीक्षण वकील के तौर पर मोनिका स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई नागरिक अधिकार संगठनों में शामिल रही हैं।

यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है- मोनिका

भारतीय मूल की मोनिका ने शपथ समारोह में अपने इस मुकाम पर काफी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि मैं एच-टाउन (ह्यूस्टन) का प्रतिनिधित्व करती हूं, इसलिए मैं आज इसके लिए खुश हूं। दूसरी ओर राज्य के पहले दक्षिण एशियाई न्यायाधीश, भारतीय-अमेरिकी न्यायाधीश रवि सैंडिल ने समारोह की अध्यक्षता की। सैंडिल ने कहा, "सिख समुदाय के लिए यह वास्तव में एक बड़ा क्षण है।" उन्होंने कहा कि मोनिका अब केवल सिखों के लिए नहीं, बल्कि सभी महिलाओं के लिए एक अंबेजडर की तरह हैं।

अमेरिका में 5 लाख सिख

अमेरिका में अनुमानित 500,000 सिख हैं, जिनमें से 20,000 सिख ह्यूस्टन क्षेत्र में रहते हैं। ह्यूस्टन के मेयर सिल्वेस्टर टर्नर ने कहा कि यह सिख समुदाय के लिए गर्व का दिन है, लेकिन ये सभी लोगों के लिए भी गर्व का दिन है क्योंकि यह ह्यूस्टन शहर की विविधता को दिखाता है।