यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारत की अर्थव्यवस्था पर IMF ने दिया फील गुड वाला बयान, कहा- दुनियाभर में मंदी के बीच सिर्फ India से उम्मीद
IMF Forecast Indian Economy अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के एशिया और प्रशांत विभाग के डायरेक्टर कृष्णा श्रीनिवासन ने कहा कि इस साल या अगले साल तक ...और पढ़ें

वाशिंगटन, एजेंसी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत के आर्थिक विकास दर के अनुमान में कटौती की है। हालांकि, आईएमएफ के एक अधिकारी का कहना है कि अन्य देशों के मुकाबले भारत में भारत में हालात बेहतर रहेंगे। आईएमएफ के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि आज हर किसी देश की आर्थिक विकास के मामले में धीमी गति हो रही है, लेकिन भारत पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय संस्था के अधिकारी ने कहा कि अन्य देशों की तुलना में भारत बेहतर स्थान पर है।
आईएमएफ के अधिकारी के अनुमान
आईएमएफ के एशिया और प्रशांत विभाग के डायरेक्टर कृष्णा श्रीनिवासन ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अभी वैश्विक स्थिति अभी बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि महंगाई भले ही बढ़ रही है, लेकिन फिर भी दुनिया के कई हिस्सों में विकास की गति धीमी हो रही है।
आईएमएफ ने घटाया भारत की वृद्धि दर का अनुमान
बता दें कि ये बयान ऐसे वक्त आया है जब आईएमएफ ने वर्ष 2022 के लिए भारत के आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है। जबकि इससे पहले जुलाई में भारत की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था। आईएमएफ के अधिकारी ने कहा कि इस साल या अगले साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जिम्मेदार कई देश मंदी की चपेट में आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि महंगाई तेजी से बढ़ रही है, तो यह और व्यापक हो सकती है।
'भारत में बेहतर रहेंगे हालात'
अधिकारी ने कहा कि आज जहां लगभर हर देश की रफ्तार धीमी है। तो वहीं, भारत बेहतर कर रहा है। भात अन्य देशों की तुलना में उज्जवल स्थान पर है। श्रीनिवासन ने दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यहां स्थिति बिगड़ती रहेगी।
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मुद्रास्फीति का अनुमान
आईएमएफ ने कहा है कि 2022-23 में भारत में मुद्रास्फीति 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। भारत में मुद्रास्फीति 2023-24 में 5.1 फीसद तक कम हो सकती है।
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