यौन अपराध से चोरी तक के आरोप... ट्रंप सरकार ने भारतीय युवक को अमेरिका से किया डिपोर्ट
ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति के तहत एक भारतीय व्यक्ति जश्नदीप सिंह को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है।

भारतीय जश्नदीप सिंह को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है

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डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की कठोर इमिग्रेशन नीति जारी है। इसी के तहत उन्होंने एक भारतीय व्यक्ति को अमेरिका से डिपोर्ट किया है। उसकी पहचान जश्नदीप सिंह के रूप में की गई है।
अमेरिकी गृह विभाग (DHS) ने सिंह को भारत का अपराधी और गैर प्रवासी बाताया है। आरोप है कि सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। जिसमें यौन अपराध, सेंधमारी और चोरी जैसे मामले शामिल हैं।
हाल ही में अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने अमेरिका से निकाले गए नागरिकों की लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में भारत के जश्नदीप सिंह का नाम भी शामिल था।
DHS के मुताबिक बीते 3 अगस्त को सिंह को अमेरिका से बाहर निकाला या था। सिंह के साथ ग्वाटेमाला, मेक्सिको और चिली के चार अन्य लोगों को भी निकाला गया।
कौन है जश्नदीप सिंह?
विभाग ने उनकी उम्र, भारत में उनके मूल स्थान या निवास, या अमेरिका में उनके इमिग्रेशन स्टेटस या इतिहास के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।
साथ ही, विभाग ने सिंह के खिलाफ सटीक मामले या उन्हें देश से निकालने से पहले कितने समय तक ICE की कस्टडी में रखा गया, इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी। सिंह को किस देश में डिपोर्ट किया गया है, इसका भी खुलासा नहीं किया गया है।
अमेरिकी सरकार दोषी पाए गए गैर-नागरिक अपराधियों को उनके मूल देशों में या खास नियमों के तहत, बातचीत के जरिए तय किए गए तीसरे देशों में डिपोर्ट कर रही है।
4 और लोग हुए डिपोर्ट?
अमेरिका ने सिंह के साथ चार और लोगों को डिपोर्ट किया है। इसमें ग्वाटेमाला के रहने वाले रेमन ग्रेगोरियो हेरेरा-रुइज़, मैक्सिको के नागरिक जॉर्ज मार्टिनेज़-गुएरेरो और बर्टा मोंटानो जिमेनेज़, और चिली के विलियम्स एलेजांद्रो कॉर्टेस कॉन्ट्रेरास शामिल हैं।
हेरेरा-रुइज को 4 अगस्त को डिपोर्ट किया गया था। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में हत्या, शराब पीकर गाड़ी चलाने के तीन मामले और बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने के लिए दोषी ठहराया जाना शामिल है। साथ ही, पुलिस के काम में बाधा डालने और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े अपराधों के लिए उसे गिरफ्तार भी किया गया था।
गुएरेरो को भी 4 अगस्त को डिपोर्ट किया गया था। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में हत्या, लापरवाही से हुई मौत (नेग्लिजेंट मैन्सलाटर), और गाड़ी से जुड़े अपराधों व गैर-कानूनी तरीके से दोबारा देश में घुसने के लिए दोषी ठहराया जाना शामिल है।
जिमेनेज, जो इस लिस्ट में अकेली महिला थीं, उन्हें 6 अगस्त को डिपोर्ट किया गया था। उनके आपराधिक रिकॉर्ड में बिना लाइसेंस के हथियार बनाने और उनका व्यापार करने, और बिना लिखित सूचना के किसी कैरियर को हथियार सौंपने के लिए दोषी ठहराया जाना शामिल है।
कॉन्ट्रेरास को भी 4 अगस्त को डिपोर्ट किया गया था। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में फर्स्ट-डिग्री रेजिडेंशियल बर्गरी (घर में घुसकर चोरी) और अपराध करने की साजिश रचने के लिए दोषी ठहराया जाना शामिल है।
DHS ने क्या कहा?
DHS सेक्रेटरी मार्कवेन मुलिन के अनुसार, पिछले हफ्ते डिपोर्ट किए गए लोगों में हत्या, शराब पीकर गाड़ी चलाने, यौन उत्पीड़न और हथियारों की तस्करी के दोषी लोग शामिल थे।
उन्होंने एक बयान में कहा, 'पिछले हफ्ते ही हमने हत्यारों, शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों, यौन उत्पीड़न करने वालों और हथियारों की तस्करों को डिपोर्ट किया।
डिपोर्टेशन बढ़ने के कारण, इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि पूरे देश में अपराध दर ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर आ गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व की बदौलत, हम अमेरिका को फिर से सुरक्षित बना रहे हैं।'

