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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Israel Hamas War: गाजा में सीजफायर का प्रस्ताव UN में हुआ पास, 120 देशों ने किया समर्थन; भारत का क्या रहा रुख?

    By Jagran NewsEdited By: Prince Sharma
    Updated: Sat, 28 Oct 2023 08:07 AM (IST)

    Israel Hamas War इजरायल-हमास की जंग के बीच गाजा में मानवीय आधार पर संघर्ष विराम के लिए जॉर्डन की ओर से पेश किया गया प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा (U ...और पढ़ें

    Israel Hamas War: गाजा में सीजफायर का प्रस्ताव UN में हुआ पास, 120 देशों ने किया समर्थन
    Israel Hamas War: गाजा में सीजफायर का प्रस्ताव UN में हुआ पास, 120 देशों ने किया समर्थन

    HighLights

    1. गाजा में मानवीय आधार पर संघर्षविराम का प्रस्ताव यूएन महासभा में पारित
    2. 120 देशों ने किया समर्थन

    पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र। इजरायल-हमास की जंग के बीच गाजा में मानवीय आधार पर संघर्ष विराम के लिए जॉर्डन की ओर से पेश किया गया प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN Mahasabha) में पारित हो गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में शुक्रवार को एक विशेष सत्र के दौरान इजरायल और हमास के बीच तत्काल मानवीय संघर्ष विराम का जोरदार आह्वान किया गया और गाजा पट्टी तक सहायता पहुंचाने तथा नागरिकों की सुरक्षा की मांग की गई। सदन में यह प्रस्ताव तालियों की गड़गड़ाहट के साथ पारित हुआ।

    प्रस्ताव के पक्ष में पड़े 120 वोट

    संयुक्त राष्ट्र के इस प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट और विरोध में केवल 14 वोट पड़े। वहीं, भारत, कनाडा, जर्मनी और ब्रिटेन समेत 45 देशों ने इस मतदान प्रक्रिया से खुद को बाहर रखा।

    प्रस्ताव को सदन में यह बोलकर पारित किया गया कि अरब देशों द्वारा तैयार किया गया प्रस्ताव बाध्यकारी नहीं है, लेकिन यह राजनीतिक महत्व रखता है। क्योंकि इजरायल ने 75 साल पुराने इतिहास में नागरिकों पर सबसे खराब हमास हमले के जवाब में गाजा में जमीनी कार्रवाई तेज कर दी है।

    सुरक्षा परिषद द्वारा पिछले दो सप्ताह में चार बार कार्रवाई करने में विफल रहने के बाद महासभा ने मतदान किया। प्रस्ताव पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। प्रस्ताव का उद्देश्य इस युद्ध तथा लोगों के खिलाफ नरसंहार को रोकना एवं गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचाना है।

    इजरायल की ये रही प्रतिक्रिया

    एजेंसी के मुताबिक, फलस्तीनी संयुक्त राष्ट्रदूत रियाद मंसूर ने संवाददाताओं से कहा,गाजा में युद्ध को रोकने की सख्त आवश्यकता है ताकि बच्चों और नागिरकों की हत्याओं व इस विनाश को रोका जा सके।

    वहीं, इजराइल के संयुक्त राष्ट्र राजदूत गिलाद एर्दान ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है और वह हमास के हमलों को सहता रहे। ऐसे नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अब कोई वैधता या प्रासंगिकता नहीं रखता।

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    मतदान के बाद उन्होंने महासभा जारी हुए इस प्रस्ताव को हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव का लक्ष्य है कि इजराइल को हमास से अपनी रक्षा करने का अधिकार बंद कर देना चाहिए, ताकि हमास अत्याचार करता रहे।

    7 अक्टूबर से शुरू हुई जंग

    दिनांक 7 अक्टूबर के हमले में आतंकवादियों द्वारा 1,400 लोगों की हत्या करने और सैकड़ों लोगों को बंधक बनाने के बाद, इज़राइल ने गाजा पर शासन करने वाले हमास को खत्म करने की कसम खाई है। इजराइल ने गाजा पर हवाई हमला किया है, घेराबंदी कर दी है और जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है।

    फलस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि 7,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। महासभा ने "अवैध रूप से बंदी बनाए गए सभी नागरिकों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई" का आह्वान किया। इसने पाठ में कहीं भी हमास का नाम नहीं लिया।

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