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अमेरिका में पहली बार टीवी पर होगा मौत की सजा का लाइव प्रसारण, 13 लोगों की जान लेने वाले हत्यारे को मारी जाएगी गोली

Published: Fri, 09 Oct 2026 08:22 PM (IST)

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने घोषणा की कि फोर्ट हूड में 13 लोगों की हत्या करने वाले निदाल हसन को 3 ...और पढ़ें

फोर्ट हूड हत्यारे निदाल हसन को लाइव टीवी पर मिलेगी मौत की सजा (फाइल फोटो- रॉयटर्स)

फोर्ट हूड हत्यारे निदाल हसन को लाइव टीवी पर मिलेगी मौत की सजा (फाइल फोटो- रॉयटर्स)

HighLights

  1. फोर्ट हुड शूटर निदाल हसन को मिलेगी मौत की सजा।

  2. अमेरिकी इतिहास में पहली बार होगा लाइव प्रसारण।

  3. 3 दिसंबर को टेक्सास में दी जाएगी सजा।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका में मौत की सजा के इतिहास में एक बेहद चौंकाने वाला और अभूतपूर्व फैसला लिया गया है। पेंटागन ने घोषणा की है कि साल 2009 के फोर्ट हुड सैन्य बेस गोलीबारी कांड के दोषी और पूर्व आर्मी साइकियाट्रिस्ट निदाल मलिक हसन को गोलियों से भूनकर के जरिए मौत की सजा दी जाएगी।

सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरी सजा का लाइवस्ट्रीम किया जाएगा, जिसे पूरी दुनिया देख सकेगी। बता दें कि यह अमेरिकी इतिहास में लगभग 90 साल यानी 1936 के बाद में होने वाली पहली सार्वजनिक और पहली बार कैमरे पर प्रसारित होने वाली मौत की सजा है।

कब और कहां होगी सजा?

मिली जानकारी के अनुसार मलिक हसन को तीन दिसंबर को मौत की सजा मिलेगी। दोपहर 1 बजे उसे ये सजा दी जाएगी। यानी ठीक उसी समय और दिन जिस समय साल 2009 में हमला हुआ था। वहीं बात अब स्थान की करें तो जहां उस हमले के अंजाम दिया गया था..यानी टेक्सास का फोर्ट हुड मिलिट्री बेस में उसे मौत के घाट उतारा जाएगा। 

क्या है पूरा मामला? 

बता दें कि 5 नवंबर 2009 को फोर्ट हुड मिलिट्री बेस के एक मेडिकल फैसिलिटी सेंटर में निदाल मलिक हसन ने अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस भीषण हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 32 अन्य घायल हो गए थे। हसन उस समय 39 वर्ष का था और उसे कुछ हफ्तों बाद अफगानिस्तान तैनात किया जाना था।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस की गोली लगने से वह आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गया था और तब से व्हीलचेयर पर है। साल 2013 में एक मिलिट्री जूरी ने उसे हत्या और हत्या के प्रयास के 45 मामलों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी।

क्यों उठाया गया लाइव दिखाने का कदम?

वहीं जब इस मामले में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। उनका कहना है कि जनता को यह देखने का हक मिलना चाहिए ताकि लोगों को यह साफ संदेश मिल सके कि ऐसे जघन्य अपराधों के कितने गंभीर परिणाम होते हैं। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की मंजूरी के बाद इस सजा पर मुहर लगी है।

इसके अलावा जब रक्षा मंत्री से पूछा गया कि क्या हसन ने अपनी कोई आखिरी इच्छा जताई है, तो उनका सख्त जवाब था कि परवाह नहीं, हम उसे 3 दिसंबर को मिलेंगे।

कानूनी और नैतिक सवाल भी खड़े हुए

गौरतलब है कि इस तरह सरेआम लाइव फांसी दिखाने के फैसले पर दुनिया भर के कानून और मानवाधिकार विशेषज्ञों ने गहरी चिंता और सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दोषी हसन इस सार्वजनिक प्रसारण या अपनी सजा के खिलाफ सिविल कोर्ट में अपील दायर कर इसमें देरी की कोशिश कर सकता है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कभी भी सीधे तौर पर फांसी के लाइव प्रसारण के मुद्दे पर फैसला नहीं दिया है।

दूसरी ओर बर्कले लॉ के डेथ पेनल्टी क्लिनिक की सह-निदेशक एलिजाबेथ सेमेल ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि यह सिर्फ "तमाशा" दिखाने और एक खास संदेश देने की राजनीति है।