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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वैज्ञानिकों ने खोजा नया कलर, जिसे इंसानों ने कभी नहीं देखा... जानिए कैसे हुआ ये कारनामा

    Updated: Mon, 21 Apr 2025 06:24 AM (IST)

    वैज्ञानिकों ने एक ऐसे नए रंग की खोज करने का दावा किया है जिसे इंसानों ने पहले कभी नहीं देखा है। साइंस एडवांसेज में प्रकाशित निष्कर्षों के अनुसार शोधकर ...और पढ़ें

    शोधकर्ताओं ने इसे मोर के नीले या चैती रंग जैसा कुछ बताया है (फोटो: ग्रोक एआई)
    शोधकर्ताओं ने इसे मोर के नीले या चैती रंग जैसा कुछ बताया है (फोटो: ग्रोक एआई)

    HighLights

    1. केवल 5 इंसानों ने देखा है रंग
    2. आंखों पर लेजर बीम फ्लैश कर देखा
    3. रोजमर्रा की जिंदगी में नहीं दिखेगा रंग

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अब तक ये कहा जाता था कि दुनिया में कई ऐसी प्रजातियां हैं, जिन्हें इंसानों ने कभी देखा भी नहीं है। लेकिन रंगों को लेकर हमारा ज्ञान कितना सीमित हो सकता है, इसका आभास वैज्ञानिकों ने हमें करवा दिया है।

    दरअसल वैज्ञानिकों ने एक ऐसे रंग की खोज की है, जिसे आज तक कभी इंसानों ने नहीं देखा था। इस रंग का नाम ओलो रखा गया है। ओलो स्पष्ट रूप से कैसा दिखता है, इसका विवरण तो नहीं दिया जा सकता, लेकिन इसे मोर के नीले या चैती रंग जैसा कुछ बताया है।

    सिर्फ 5 लोगों ने ही देखा रंग

    इस रंग को देखना आम इंसान के बस की बात नहीं है। वैज्ञानिकों ने भी इस रंग को देखने के लिए विशेष तकनीक का सहारा लिया है। इसके लिए आंखों के रेटिना पर लेजर बीम फायर किया गया और फिर इस रंग को देखा गया।

    अब तक इस रंग को केवल शोध कर रहे 5 लोगों ने ही देखा है। एक बार सोचकर देखिए कि इस रंग को पूरी दुनिया में महज 5 लोगों ने ही देखा है। वैज्ञानिकों ने ये भी कहा है कि इंसान कभी भी इस रंग को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में नहीं देख पाएगा।

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    आम जिंदगी ने नहीं दिखेगा रंग

    • वैज्ञानिकों ने बताया कि हम इस बात के लिए उत्साहित थे कि इस लेजर फ्लैश से मस्तिष्क किस तरह से काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह रंग कभी भी स्मार्टफोन, लैपटॉप या टीवी पर नहीं दिखेगा और यह वीआर हेडसेट की दुनिया से बहुत दूर है।
    • इस रंग का आभास कराने वाली एक तस्वीर भी साझा की गई है, लेकिन वैज्ञानिकों ने कहा कि यह ओलो की वास्तविक छवि नहीं दर्शा सकता। उन्होंने कहा कि किसी लेख या मॉनिटर पर उस रंग को व्यक्त करने का कोई तरीका नहीं है।

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