'शिव ने हमें बचाया': नेपाल महाप्रलय के मलबे से जिंदा बचे भारतीय-अमेरिकी दंपति, बेटे ने सुनाई कहानी
नेपाल की विनाशकारी बाढ़ से बाल-बाल बचे भारतीय-अमेरिकी दंपति अंजना राजा और पट्टाभिराम वेंकटेशन के बेटे विक्रम रवि ने कहा कि उनके माता-पिता का बच जाना सिर्फ एक चमत्कार था।

नेपाल बाढ़ से बचे भारतीय-अमेरिकी दंपति के बेटे ने सुनायी कहानी
HighLights
अंजना राजा और पट्टाभिराम वेंकटेशन तिब्बत की तीर्थ यात्रा पर गए थे
बेटे विक्रम रवि ने कहा कि उनके माता-पिता का बच जाना सिर्फ एक चमत्कार था
डिजिटल डेस्क, कैलिफोर्निया। नेपाल की विनाशकारी बाढ़ से बाल-बाल बचे भारतीय-अमेरिकी दंपति अंजना राजा और पट्टाभिराम वेंकटेशन के बेटे विक्रम रवि ने कहा कि उनके माता-पिता का बच जाना सिर्फ एक चमत्कार था।
विक्रम रवि ने बताया कि वे बिस्तर पर आराम कर रहे थे जब उनकी मां का फोन आया। मां अंजना की पहली बात थी कि शिव ने हमें बचाया, और वे रो रही थीं।
अंजना राजा और पट्टाभिराम वेंकटेशन तिब्बत की तीर्थ यात्रा पर गए थे। उनका टूर बस वहां खड़ा था जब उन्होंने पानी का पहाड़ अपनी ओर आता देखा। अंजना ने इसे सुनामी जैसा बताया। पट्टाभिराम ने सीबीएस न्यूज को बताया कि यह 60-70 फीट ऊंचा लग रहा था। काला-काला सुनामी जैसा। मैं सोच रहा था कि यह पानी नहीं, जंगल की आग है।
अंजना ने पति का कॉलर पकड़कर खींचा और कहा- भागो! दोनों बस से कूद गए। रास्ते में घर गिरते दिखे। अंजना ने कहा कि मैंने मौत को अपनी आंखों के सामने देखा।
एक गाइड ने उन्हें पास के पहाड़ की चोटी पर समतल जगह तक ले गया। चढ़ाई बहुत कठिन थी – संकरी, फिसलन भरी, कीचड़, पत्थर और चट्टानों से भरी। अंजना ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर हम कैसे चढ़ गए, पता नहीं।
वे रात बकरी के शेड में अन्य बचे हुए पर्यटकों और स्थानीय लोगों के साथ रहे। अगले दिन उन्हें हेलीकॉप्टर से निकाला गया। टूर बस में सवार सभी लोग बच गए।
विक्रम ने सीएनएन को बताया कि वे बहुत राहत महसूस कर रहे हैं कि माता-पिता खुद बता सके कि वे सुरक्षित हैं। अंजना ने कहा कि घर लौटकर सबसे पहले बच्चों को गले लगाएंगी और उन्हें जीवन को गंभीरता से लेने की सीख देंगी।
