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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अमेरिकी ड्रोन और रूसी फाइटर जेट में टक्कर के बाद दोनों देश में बढ़ा तनाव, रूस ने अमेरिका के आरोप पर दी सफाई

    By Jagran NewsEdited By: Piyush Kumar
    Updated: Wed, 15 Mar 2023 05:18 AM (IST)

    अमेरिकी वायुसेना के जनरल जेम्स हेकर ने कहा जब रूसी विमान टकराया उस समय हमारा एमक्यू-9 ड्रोन अंतरराष्ट्रीय वायुक्षेत्र में नियमित अभियान पर था। इस टक्क ...और पढ़ें

    रूसी एसयू-27 लड़ाकू विमान अमेरिका के सैन्य एमक्यू-9 रीपर सर्विलांस ड्रोन के प्रोपेलर से टकराया। (फोटो सोर्स: एपी)
    रूसी एसयू-27 लड़ाकू विमान अमेरिका के सैन्य एमक्यू-9 रीपर सर्विलांस ड्रोन के प्रोपेलर से टकराया। (फोटो सोर्स: एपी)

    वाशिंगटन, रायटर। काला सागर के ऊपर मंगलवार को एक रूसी एसयू-27(Su-27 jet fighter) लड़ाकू विमान अमेरिका के सैन्य एमक्यू-9 रीपर सर्विलांस ड्रोन (MQ-9 Reaper drone) के प्रोपेलर से टकरा गया। इस वजह से अमेरिकी ड्रोन काला सागर में डूब गया। अमेरिका रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा कि एक वर्ष पहले यूक्रेन पर रूसी आक्रामण के बाद से यह इस तरह की पहली घटना है। अमेरिका ने घटना पर विरोध जताते हुए वाशिंगटन में रूसी राजदूत को तलब किया और चेतावनी दी।

    लड़ाकू विमान ने ड्रोन पर नहीं किया हमला: रूस

    यूएसए के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि काला सागर के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन का पता चलने के बाद उसने लड़ाकू विमानों को उतारा उतारा गया। हालांकि रूस ने अमेरिका के विमान से ड्रोन को क्रैश कराने की बात को नकारा है। अमेरिका का इल्जाम है कि रूस ने सबसे पहले ड्रोन पर ईंधन डाला और फिर उसे क्षतिग्रस्त किया गया।

    अमेरिकी ड्रोन के संपर्क में नहीं आया रूसी विमान: रूसी रक्षा मंत्रालय

    नाटो के यूरोप में सुप्रीम कमांडर और अमेरिकी जनरल क्रिस्टोफर कावोली ने इस घटना के बारे में संगठन के सदस्य देशों को जानकारी दे दी है। व्हाइट हाउस और पेंटागन ने घटना की निंदा करते हुए तनाव बढ़ने की चेतावनी दी है। वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अमेरिकी ड्रोन रूसी सीमा का पास उड़ान भर रहा था और उसके इन विमानों में हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। उसने इस बात से इनकार किया है कि उसका विमान अमेरिकी ड्रोन के संपर्क में आया था।

    दोनों विमान सुरक्षित अपनी एयरफील्ड पर लौटे: रूस

    रूस का कहना है कि अमेरिकी ड्रोन उसके विमानों के उड़ान कौशल की वजह से क्रैश हुआ है। उसने अमेरिका के उस दावे से भी इनकार किया कि संभवत: उसका एक विमान क्षतिग्रस्त हुआ है। रूस ने कहा कि उसके दोनों विमान सुरक्षित अपनी एयरफील्ड पर लौट आए। रिपोर्ट के मुताबिक, दो रूसी एसयू-27 लड़ाकू विमानों ने मंगलवार सुबह करीब 7.03 बजे अमेरिकी जासूसी एवं निगरानी ड्रोन एमक्यू-9 को इंटरसेप्ट किया और उनमें से एक विमान ड्रोन के प्रोपेलर से टकराय गया।

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    अमेरिकी सेना ने इस कार्रवाई को लापरवाही पूर्ण इंटरसेप्ट बताते हुए कहा कि टकराने से पूर्व रूसी विमानों ने अमेरिकी ड्रोन पर ईंधन गिराया था। संभवत: वे उसे क्षतिग्रस्त करना चाहते थे। इसके बाद रूसी विमानों ने उसके आगे असुरक्षित तरीके से उड़ान भी भरी थी।

    क्षेत्र में अमेरिकी वायुसेना के जनरल जेम्स हेकर ने कहा, 'जब रूसी विमान टकराया, उस समय हमारा एमक्यू-9 ड्रोन अंतरराष्ट्रीय वायुक्षेत्र में नियमित अभियान पर था। इस टक्कर की वजह से एमक्यू-9 क्रैश हो गया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वास्तव में यह रूस की असुरक्षित और गैर-पेशेवर कार्रवाई है।'

    रूस की रवैया गैर-पेशेवराना: जॅान किर्बी

    मालूम हो कि काला सागर यूरोप और एशिया के बीच स्थित है और इसकी सीमाएं रूस व यूक्रेन समेत कई देशों से मिलती हैं। अमेरिका के युद्धपोत काला सागर में गश्त नहीं करते, लेकिन वह इस क्षेत्र में नियमित रूप से जासूसी एवं निगरानी उड़ानों का संचालन करता है। इस घटना के बाद पहले ही खराब चल रहे अमेरिका और रूस के रिश्तों में तनाव और बढ़ सकता है।

    व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॅान किर्बी ने बताया कि पहले भी इंटरसेप्ट की अन्य घटनाएं हुई हैं, लेकिन यह उल्लेखनीय है क्योंकि यह असुरक्षित और गैर-पेशेवराना थी। इस वजह से अमेरिकी ड्रोन डूब गया, इस मायने में यह घटना विशिष्ट थी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडन को इस घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है।