मिडटर्म इलेक्शन में भारी तनाव: ट्रंप ने तैनात किए 1000 पोल मॉनिटर, डेमोक्रेट्स ने लगाया मतदाताओं को डराने का आरोप
न्याय विभाग के अनुसार, ये ऑब्जर्वर संघीय मतदान कानूनों के पालन की निगरानी करेंगे, लेकिन वे मतदान केंद्रों पर जांच ...और पढ़ें

ऑब्जर्वर की तैनाती सभी 50 राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों में की गई (फोटो- रॉयटर)
HighLights
ऑब्जर्वर की तैनाती सभी 50 राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों में की गई
राज्य अपने ऑब्जर्वर भेजकर संघीय मॉनिटरों की निगरानी करेगा
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका में मंगलवार को हुए मिडटर्म चुनावों के दौरान ट्रंप प्रशासन के न्याय विभाग ने देशभर में करीब 1,000 चुनाव मॉनिटर और ऑब्जर्वर तैनात किए।
विभाग ने इसे अपने इतिहास का सबसे बड़ा मॉनिटरिंग प्रयास बताया। यह तैनाती सभी 50 राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों में की गई, जिसमें कई डेमोक्रेटिक बहुल इलाके भी शामिल हैं।
रॉयटर्स के अनुसार, इन मॉनिटरों को उन क्षेत्रों में भेजा गया जहां 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस ने ट्रंप को हराया था। ऐसे करीब दो-तिहाई क्षेत्रों में अश्वेत और लातीनी मतदाताओं की संख्या अधिक है। ये इलाके उन राज्यों में केंद्रित हैं जो सीनेट का नियंत्रण तय कर सकते हैं।
सहायक अटॉर्नी जनरल हरमीत के. ढिल्लों ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि विभाग चुनाव पारदर्शिता को दृढ़ और गैर-भेदभावपूर्ण तरीके से सुनिश्चित कर रहा है।
न्याय विभाग के अनुसार, ये ऑब्जर्वर संघीय मतदान कानूनों के पालन की निगरानी करेंगे, लेकिन वे मतदान केंद्रों पर जांच नहीं कर सकते और न ही किसी को वोट डालने से रोक सकते हैं।
हालांकि, मतदान अधिकार समूहों और डेमोक्रेटिक अधिकारियों ने इस तैनाती पर वोटर्स को डराने का आरोप लगाया। कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने कहा कि राज्य अपने ऑब्जर्वर भेजकर संघीय मॉनिटरों की निगरानी करेगा।
लॉस एंजिल्स की मेयर कैरेन बास ने इसे मतदाताओं को डराने की कोशिश बताया और आरोप लगाया कि प्रशासन परिणाम अपने पक्ष में न होने पर चुनाव परिणामों को चुनौती देने की तैयारी कर रहा है।
यह तैनाती कैलिफोर्निया में 20,000 से अधिक मेल-इन बैलेट को लेकर ट्रंप प्रशासन और राज्य सरकार के बीच कानूनी विवाद के बीच हुई। प्रशासन का आरोप है कि ये बैलेट गैर-नागरिकों को जारी किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन की याचिका खारिज कर दी थी, जबकि बाद में कुछ फैसले बदले भी।