ग्रीनलैंड पर ट्रंप के बयान रुके, कब्जे के इरादे नहीं; सहमति से सैन्य तैनाती बढ़ाने की कोशिश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड में रुचि बनी हुई है, हालांकि उनके तीखे बयान रुक गए हैं। नाटो महासचिव रूट ने यूरोपीय संसद को बताया कि ट्र ...और पढ़ें

ग्रीनलैंड पर ट्रंप के बयान रुके, कब्जे के इरादे नहीं।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। डेनमार्क के अर्ध स्वायत्त द्वीप ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के तीखे बयान भले ही रुक गए हों लेकिन उसे पाने को लेकर उनकी इच्छा में कोई कमी नहीं आई है। सैन्य संगठन नाटो के महासचिव मार्क रूट के साथ पिछले हफ्ते ट्रंप की वार्ता में ग्रीनलैंड को लेकर दो विकल्पों पर बात हुई है। इन विकल्पों के बारे में सोमवार को रूट ने यूरोपीय संसद को जानकारी दी।
रूट ने बताया कि ग्रीनलैंड में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने के लिए अमेरिका वहां पर नाटो की सैन्य तैनाती बढ़ाने पर विचार कर रहा है। उसके बाद वहां की स्थितियों पर पूरी तरह से नाटो का नियंत्रण होगा। दूसरे विकल्प में नाटो की कोई भूमिका नहीं होगी। वहां पर अमेरिकी भूमिका बढ़ाने के लिए अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड वार्ता करके सहमति बनाएंगे।
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इन दोनों तरीकों से अमेरिका ग्रीनलैंड में सुरक्षा मजबूत कर वहीं पर रूस और चीन को रोकना चाहता है। अमेरिका वहीं पर अपना मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगाकर दोनों प्रतिद्वंद्वी देशों की मिसाइलों को रोक देना चाहता है।
रूट के साथ ट्रंप की वार्ता में एक बात साफ हो गई है कि अमेरिका ग्रीनलैंड में अपनी भूमिका बढ़ाना चाहता है और इसके लिए वह कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड पर रूस या चीन कब्जा करें, इससे पहले अमेरिका वहां पर पहुंचना चाहता है। यह अमेरिका और यूरोप की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)