ईरान पर ट्रंप की दोहरी रणनीति... पहले युद्ध खत्म करने के दिए संकेत, अब बढ़ा रहे सैन्य तैनाती
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध चौथे हफ्ते में है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने के संकेत दिए हैं, लेकिन साथ ही मध्य पूर्व में सैन्य ...और पढ़ें
HighLights
ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने के संकेत दिए, सैन्य तैनाती बढ़ाई।
संघर्ष से वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल आपूर्ति पर पड़ा असर।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने तनाव कम करने की अपील की।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान में जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सैन्य रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। यह युद्ध दिनों-दिन भीषण होता जा रहा है। इस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
ईरान के खिलाफ युद्ध अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। आर्थिक नतीजों को देखते हुए ट्रंप के कई रिपब्लिकन सहयोगी, जो नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के लिए एक कठिन राजनीतिक राह का सामना कर रहे हैं, उनसे इस संघर्ष से बाहर निकलने का रास्ता खोजने का आग्रह कर रहे हैं।
युद्ध को समाप्त करने पर विचार करेंगे- ट्रंप
गुरुवार को ओवल ऑफिस में ट्रंप ने कहा कि मैं कहीं भी सेना नहीं भेज रहा हूं। अगर मैं ऐसा कर भी रहा होता, तो मैं आपको बिल्कुल नहीं बताता। शुक्रवार शाम को ट्रंप ने अपने अंतिम निर्णय को लेकर उठ रही आशंकाओं को अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार करते हुए कहा कि वह जल्द ही युद्ध को समाप्त करने पर विचार करेंगे, जबकि मरीन की नई यूनिट उस क्षेत्र की ओर बढ़ रही हैं।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब युद्ध में लगातार हताहतों की संख्या बढ़ रही है और क्षेत्रीय अस्थिरता गहराती जा रही है। एक तरफ युद्ध कम करने की बात हो रही है, वही दूसरी तरफ अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है। यह दर्शाता है कि अमेरिका दोहरी रणनीति अपना रहा है।
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ट्रंप के बयानों में विरोधाभास
ट्रंप पहले कह चुके हैं कि वे ईरान में जमीनी सैनिक नहीं भेजेंगे, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो हर कदम उठाया जाएगा। इससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका की नीति अभी पूरी तरह तय नहीं है और हालात के अनुसार बदल सकती है।
वैश्विक असर और बढ़ता दबाव
इस युद्ध का असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल आपूर्ति प्रभावित हो गई है। जिससे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। यूरोप के अन्य देशों ने तनाव कम करने की अपील की है।

अमेरिका और ईरान युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां कूटनीति और सैन्य शक्ति दोनों साथ-साथ चल रही है। ट्रंप के वाइंड डाउन संकेत से उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि युद्ध अभी खत्म होने से काफी दूर है।