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ट्रंप बदल रहे अमेरिका के चुनाव का पैटर्न? क्या है वोटर ID से 5000 डॉलर के चेक तक का मामला

Published: Thu, 10 Sep 2026 05:19 PM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप चुनाव जीतने पर $5000 के डिविडेंड और वोटर ID लागू करने जैसे प्रस्तावों के साथ अमेरिका के चुनावी पैटर्न को बदल रहे हैं।

ट्रंप बदल रहे अमेरिका के चुनाव का पैटर्न। (फाइल)

ट्रंप बदल रहे अमेरिका के चुनाव का पैटर्न। (फाइल)

HighLights

  1. ट्रंप ने रिपब्लिकन को सत्ता में लाने पर $5000 का वादा किया।

  2. यह प्रस्ताव भारत की DBT योजनाओं से प्रेरित लगता है।

  3. ट्रंप फेडरल चुनावों के लिए सख्त फोटो ID चाहते हैं।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भले ही इसे कभी न मानें, लेकिन यह बात साफ है कि दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र होने का दावा करने वाला देश अब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के पॉलिटिकल तरीकों को अपना रहा है। इसकी झलक सबसे पहले वोटिंग के लिए फोटो पहचान पत्र की ट्रंप की जिद में दिखी थी। और अब पैसे देने का वादा सामने आया है।

यह तरीका भारतीयों के लिए जाना-पहचाना है। चुनाव से समय वोटरों के लिए मुफ्त तोहफों की बारिश होने लगती है। इसका तरीका कुछ ऐसा है, पहले वादे करो और चुनाव जीतने के बाद आर्थिक हिसाब-किताब करो। अब अमेरिका में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है।

5000 डॉलर का ट्रंप डिविडेंट

डलास में रिपब्लिकन मिडटर्म कन्वेंशन में, ट्रंप ने वोटरों के सामने एक तरह का लेन-देन वाला प्रस्ताव रखा। कांग्रेस में रिपब्लिकन को सत्ता में वापस लाएं और हर बालिग अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर मिल सकते हैं।

ट्रंप ने समर्थकों से कहा, "मान लीजिए कि मैं एक बार फिर बैलेट पेपर पर हूं।"

पिछले दशक में बदल गया भारत का कल्याणकारी स्वरूप

पिछले दशक में भारत का कल्याणकारी राज्य का स्वरूप काफी बदल गया है। मोदी सरकार की 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) योजना ने इस रिश्ते को बदल दिया।

पैसे सीधे बैंक खातों में आने लगे। जिस वोटर के बैंक खाते में सीधे 2,000 रुपये आते हैं, उसे सरकारी नीति समझाने के लिए किसी नेता की जरूरत नहीं होती। यह चुनावी तौर पर बहुत फायदेमंद साबित हुआ। भारत के राज्यों ने इस विचार को और आगे बढ़ाया। हाल के समय में लड़कियों और महिलाओं को नकद सहायता देना सबसे असरदार चुनावी हथियारों में से एक बन गया है।

ट्रंप के 5,000 डॉलर वाले प्रस्ताव के पीछे भी यही राजनीतिक सोच छिपी है। हालांकि, ट्रंप का 'डिविडेंड' भारत की DBT स्कीम जैसा नहीं है। यह किसी खास वर्ग को टारगेट नहीं करता और इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी चाहिए, जो इसके लिए तैयार नहीं दिखती। लेकिन इसके पीछे की सोच वही है जिसे भारत में सत्ताधारी नेताओं ने बेहतर बनाया है।

वोटर ID लागू करने पर जोर

भारत से मिलती-जुलती एक और बात है वोटर की पहचान के लिए ट्रंप का सख्त नियम लागू करने पर जोर देना। मार्च 2025 में फेडरल चुनाव प्रक्रियाओं में बदलाव के लिए जारी अपने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में, ट्रंप ने साफ तौर पर भारत और ब्राजील का जिक्र किया, जहां वोटर की पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ा जाता है।

ट्रंप ने लिखा कि हमें अभी 'द सेव अमेरिका एक्ट' पास करना होगा!" इस कानून के तहत फेडरल वोटिंग के लिए नागरिकता का सबूत और सरकार द्वारा जारी फोटो ID जरूरी हो जाएगी।

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