अमेरिका में जन्मजात नागरिकता पर छिड़ी बहस, केंद्र में आए वीजा धारक परिवार
अमेरिका में जन्मजात नागरिकता पर नई बहस छिड़ गई है, जिसमें अस्थायी वीजा धारकों के बच्चों के नागरिकता अधिकारों पर चर्चा हो रही है।

अमेरिका में जन्मजात नागरिकता पर छिड़ी बहस।
HighLights
अमेरिका में जन्मजात नागरिकता पर नई बहस शुरू।
अस्थायी वीजा धारकों के बच्चों के नागरिकता अधिकार चर्चा में।
रिपब्लिकन प्रतिबंध चाहते, डेमोक्रेट 14वें संशोधन का हवाला।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका में जन्मजात नागरिकता पर नई बहस छिड़ गई है। इसने अस्थायी वीजा धारकों के अमेरिका में जन्मे बच्चों के नागरिकता अधिकार को फिर से केंद्र में ला दिया है। रिपब्लिकन सांसदों ने इस अधिकार पर प्रतिबंध का समर्थन किया है तो डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि 14वां संशोधन जन्म के समय से नागरिकता की गारंटी देता है।
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों के बीच यह बहस संसद की न्यायिक मामलों की उपसमिति की जन्मजात नागरिकता के मुद्दे पर एक बैठक के दौरान हुई।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश को पलट दिए जाने के बाद रिपब्लिकन सांसदों ने कांग्रेस (संसद) से इस मुद्दे पर कदम उठाने की अपील की। जबकि डेमोक्रेट सांसदों ने दलील दी कि अदालत ने संवैधानिक प्रश्न को सुलझा लिया है। उपसमिति के रिपब्लिकन अध्यक्ष चिप राय ने कहा कि कांग्रेस को संशोधन में उसके अधिकार क्षेत्र की व्याख्या करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "यह कांग्रेस पर निर्भर करता है कि वह अपने अधिकार क्षेत्र के दायरे में जन्मजात नागरिकता और अमेरिकी नागरिक होने के महत्व और गरिमा को बनाए रखने को परिभाषित करे।"
जबकि डेमोक्रेट्स ने इन दलीलों का विरोध किया। डेमोक्रेट सांसद मैरी गे स्कैनलन ने कहा कि इस संशोधन के तहत बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों और वीजा धारकों के अमेरिका में जन्मे बच्चों को सुरक्षा मिली है।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
