अमेरिकी सेना की खुफिया जानकारी लीक होने पर भड़के ट्रंप, पेंटागन के 50 टॉप अधिकारियों का कराया गया पॉलीग्राफ टेस्ट
अमेरिकी सरकार ने खुफिया जानकारी लीक होने के मामले में ज्वाइंट स्टाफ के लगभग 50 सदस्यों का पॉलीग्राफ टेस्ट किया।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप(फोटो: पीटीआई)

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी सरकार के जांचकर्ताओं ने पत्रकारों को खुफिया जानकारी लीक होने के मामले में ज्वाइंट स्टाफ के लगभग 50 सदस्यों का पॉलीग्राफ यानी लाई डिटेक्टर टेस्ट किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह संवेदनशील जांच अमेरिका के उन्नत हथियारों में लंबी दूरी की मिसाइलों और पैट्रियट इंटरसेप्टर जैसे महत्वपूर्ण युद्धक सामानों के घटते भंडार से जुड़ी गुप्त सूचनाएं लीक होने पर केंद्रित थी।
सीबीएस न्यूज के अनुसार, अगस्त में किए गए इन परीक्षणों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या सैन्य अधिकारियों और नागरिक कर्मचारियों ने मीडिया को कोई खुफिया जानकारी दी थी।
गौरतलब है कि इससे पहले गर्मियों की शुरुआत में भी अमेरिकी सेंट्रल कमांड और अन्य कॉम्बैटेंट कमांड के कई दर्जन अधिकारियों का इसी तरह का परीक्षण किया गया था।
भारी संख्या में हुए टेस्ट
टॉप-सीक्रेट जानकारी या विशेष प्रोग्राम्स तक पहुंच रखने वाले अधिकारियों की सिक्योरिटी क्लीयरेंस को फिर से प्रमाणित करने के लिए हर कुछ वर्षों में नियमित रूप से पॉलीग्राफ का उपयोग किया जाता है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में जितने लोगों का परीक्षण किया गया, वह संख्या बेहद असामान्य थी।
द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अमेरिकी ज्वाइंट स्टाफ में 1500 से 2000 के बीच अधिकारी और कर्मचारी हैं, जो दुनिया भर में कॉम्बैटेंट कमांडरों के साथ ऑपरेशन्स, नीति और युद्ध योजनाओं का समन्वय करते हैं।
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि विभाग आंतरिक कर्मियों या जांच के मामलों पर टिप्पणी नहीं करता है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा की खुफिया जानकारी के लीक होने के सभी मामलों को बेहद गंभीरता से लेता है और उसी के अनुसार जांच करता है।
लीक को लेकर ट्रंप की नाराजगी
सीबीएस न्यूज के अनुसार, नाम न छापने की शर्त पर बात करने वाले तीन सूत्रों ने बताया कि इन लीक्स को लेकर राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप बेहद नाराज थे। केवल बहुत कम लोगों के पास ही हथियारों से जुड़ी खुफिया जानकारी तक पहुंच थी, जिससे यह चिंता पैदा हो गई है कि कहीं कोई विदेशी खुफिया एजेंसी के एजेंट के तौर पर तो काम नहीं कर रहा है।
हालांकि, सभी वरिष्ठ अधिकारियों का परीक्षण नहीं किया गया। एक वरिष्ठ पेंटागन अधिकारी ने बताया कि ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन का पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं किया गया था। वहीं, सूत्रों ने कहा कि मीडिया को जानकारी लीक करने का पता लगाने के लिए पूछे गए विशिष्ट सवालों में कोई भी फेल नहीं हुआ।
लीक रोकने के लिए टास्क फोर्स का गठन
पॉलीग्राफ परीक्षणों का यह दायरा तब बढ़ा, जब रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जुलाई में घोषणा की थी कि पेंटागन और न्याय विभाग ने संदिग्ध रूप से जानकारी लीक करने वालों की पहचान करने और उन पर मुकदमा चलाने के लिए एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया है।
हेगसेथ ने कहा था कि आज जब विभाग की कोई जानकारी लीक होती है, तो यह महत्वपूर्ण है कि हम न्याय विभाग और एफबीआई सहित अन्य जांच एजेंसियों को जल्द से जल्द एक्शन लेने लायक जानकारी प्रदान करें। लीक हुई जानकारी से लोगों की जान को खतरा होता है।
पॉलीग्राफ परीक्षणों के इस नवीनतम दौर में एफबीआई शामिल नहीं थी, बल्कि अमेरिकी सेना ने खुद ही यह जांच की है। संघीय कानून और पेंटागन के नियम पॉलीग्राफ के उपयोग पर प्रतिबंध लगाते हैं और इसके लिए कुछ प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होती है, जिसमें विशेष जांच परिस्थितियों में कर्मचारी की सहमति लेना भी शामिल है।
