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भारतीय मूल के व्यक्ति समेत 25 लोगों की नागरिकता रद करेगा अमेरिका, आपराधिक आरोपों के चलते कार्रवाई

Updated: Tue, 04 Aug 2026 12:07 PM (IST)

अमेरिका 25 ऐसे नागरिकों की नागरिकता रद कर रहा है जिन्होंने धोखाधड़ी या गलत जानकारी से इसे हासिल किया था, इनमें भारतीय मूल के नरिंदर सिंह भी शामिल हैं।

अमेरिकी नागरिकता को लेकर 25 लोगों पर कार्रवाई।

अमेरिकी नागरिकता को लेकर 25 लोगों पर कार्रवाई।

HighLights

  1. अमेरिका 25 लोगों की नागरिकता रद्द कर रहा है।

  2. इनमें भारतीय मूल के नरिंदर सिंह भी शामिल हैं।

  3. धोखाधड़ी और आपराधिक आरोपों के चलते कार्रवाई।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका ऐसे 25 नागरिकों की नागरिकता रद कर रहा है जिन्होंने बाद में नागरिकता हासिल की। इनमें भारतीय मूल का एक व्यक्ति भी शामिल है। इन लोगों पर पहचान छिपाने या गलत जानकारी देने से लेकर हत्या की कोशिश और बच्चों के यौन शोषण जैसे आरोप लगे हैं।

अमेरिका के न्याय विभाग (DoJ) ने डेलावेयर जिले के रहने वाले 65 वर्षीय नरिंदर सिंह पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अमेरिका में दाखिला पाने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया था।

भारतीय मूल के व्यक्ति पर क्या आरोप लगे?

न्याय विभाग के मुताबिक, नरिंदर सिंह ने 1996 से अमेरिका में दाखिला पाने के लिए दो पहचानों का इस्तेमाल किया और 1 मई, 2008 को अमेरिकी नागरिक बन गए। उनके खिलाफ शिकायत में कई गलत जानकारी देने और गैर-कानूनी काम करने के सात आरोप लगाए गए हैं, जो उनके नैतिक चरित्र पर बुरा असर डालते हैं।

17 देश और 25 लोग

अपनी पहचान के बारे में गलत जानकारी देने के आरोप में जिन 25 लोगों के खिलाफ नागरिकता रद करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, उनमें पाकिस्तानी मूल के दो व्यक्ति जिया मुराद भट्टी और मोहम्मद वासिफ भी शामिल हैं। इन 25 लोगों के खिलाफ शिकायतें 20 जुलाई से 3 अगस्त के बीच दर्ज की गई थीं।

इस लिस्ट में मोल्दोवा, मैक्सिको, कोलंबिया, नाइजीरिया, लाइबेरिया, घाना, जमैका, ताइवान, होंडुरास, कैमरून, जॉर्डन, क्यूबा, अल साल्वाडोर, हैती और स्वीडन के ऐसे लोग भी शामिल थे जिन्हें बाद में अमेरिका की नागरिकता मिली थी।

ट्रंप ने तेज की कोशिशें

25 नए मामलों के साथ 20 जनवरी 2025 से जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से नागरिकता रद करने के लिए दायर किए गए मामलों की कुल संख्या 123 हो गई है। ट्रंप प्रशासन उन लोगों की नागरिकता छीनने की कोशिशें तेज कर रहा है, जिनके बारे में उसका कहना है कि उन्होंने इसे गैर-कानूनी तरीके से हासिल किया था।

कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने एक बयान में कहा, "अमेरिकी नागरिकता हमारे देश के सबसे बड़े विशेषाधिकारों में से एक है और इसे कानूनी और ईमानदारी से ही हासिल किया जाना चाहिए।"

उन्होंने दावा किया कि नई शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने धोखाधड़ी, जानकारी छिपाने या अन्य गैर-कानूनी तरीकों से नागरिकता हासिल की जिसमें हिंसक अपराधों, बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों, फर्जी पहचान और अयोग्य ठहराने वाली अन्य बातों को छिपाना शामिल है।

'यह तो बस शुरुआत है'

ब्लैंच ने आगे कहा, "आज की फाइलिंग डिपार्टमेंट के इतिहास में नागरिकता रद करने की सबसे बड़ी समन्वित कोशिश है लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है। जस्टिस डिपार्टमेंट नागरिकता प्रक्रिया की शुचिता और अमेरिकी लोगों की सुरक्षा की रक्षा के लिए उपलब्ध हर साधन का इस्तेमाल करना जारी रखेगा।"

इन 25 लोगों के खिलाफ कई तरह की शिकायते हैं, जिनके आधार पर जस्टिस डिपार्टमेंट का मानना है कि उन्हें अमेरिकी नागरिकता पाने या उसे बनाए रखने के लिए अयोग्य ठहराया जाना चाहिए था। इन शिकायतों में हत्या की कोशिश, बच्चों का यौन शोषण, घरेलू हिंसा, शादी के नाम पर धोखाधड़ी, पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी, पासपोर्ट धोखाधड़ी, बैंक और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी और बिना लाइसेंस के मेडिकल प्रैक्टिस करने जैसे अपराधों के आरोप शामिल हैं।

जस्टिस डिपार्टमेंट के सिविल डिवीजन के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ब्रेट शुमेट ने कहा, "आज का दिन रिकॉर्ड इतिहास में नागरिकता रद करने की सबसे बड़ी लहर का गवाह बना है।"

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