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किरकिरी के बाद व्हाइट हाउस का यूटर्न, सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको को वापस दी एंट्री

Published: Fri, 25 Sep 2026 02:13 AM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के फैसले पर अदालत की रोक लगने के बाद व्हाइट हाउस प्रशासन को झुकना पड़ा। गुरुवार ...और पढ़ें

व्हाइट हाउस का यूटर्न, सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको को वापस दी एंट्री (फोटो- रॉयटर)

व्हाइट हाउस का यूटर्न, सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको को वापस दी एंट्री (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. ट्रंप ने 18 सितंबर को इन तीन मीडिया संगठनों पर व्हाइट हाउस में प्रवेश पर बैन लगा दिया था

  2. अमेरिकी जिला न्यायाधीश केली ने रात में आदेश जारी कर बैन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर अदालत की रोक लगने के बाद व्हाइट हाउस प्रशासन को झुकना पड़ा। गुरुवार को प्रशासन ने सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको को व्हाइट हाउस परिसर में वापस आने की अनुमति दे दी।

ट्रंप ने 18 सितंबर को इन तीन मीडिया संगठनों पर व्हाइट हाउस में प्रवेश पर बैन लगा दिया था। उन्होंने इसकी वजह उनके ‘प्रतिकूल कवरेज’ को बताया था। बाद में प्रशासन ने औपचारिक पत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया।

अदालत का आदेश

अमेरिकी जिला न्यायाधीश टिमोथी जे. केली ने रात में आदेश जारी कर बैन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। अदालत ने कहा कि मीडिया संगठनों ने यह साबित कर दिया है कि उनके पास केस जीतने की मजबूत संभावना है। जज ने ड्यू प्रोसेस की कमी, संवैधानिक स्वतंत्रताओं के उल्लंघन और सार्वजनिक हित का हवाला दिया। यह आदेश दो सप्ताह तक लागू रहेगा।

प्रशासन की वापसी

व्हाइट हाउस प्रेस ऑपरेशंस के निदेशक मीकाह स्टॉपरिच ने बताया कि गुरुवार सुबह से प्रभावित पत्रकारों की एक्सेस बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रेस बैज सुबह 9:55 बजे तक उठाए जा सकते थे।

शुरुआत में अदालत के आदेश के बावजूद इन संगठनों के पत्रकारों को प्रवेश नहीं दिया गया था। इसके बाद जज ने व्हाइट हाउस से जवाब मांगा। अंत में प्रशासन ने कानूनी फाइलिंग में एक्सेस बहाल करने की जानकारी दी।

सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको ने अपने प्रसारण में इसकी घोषणा की। दर्जनों अन्य मीडिया संगठनों (ब्लूमबर्ग, डॉव जोन्स, रॉयटर्स सहित) ने भी इन तीनों के समर्थन में अदालत में याचिका दाखिल की थी।

यह मामला ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रेस एक्सेस को सीमित करने के कई कदमों में शामिल है। ट्रंप लंबे समय से आलोचनात्मक कवरेज को ‘फेक न्यूज’ कहते रहे हैं। अब अदालती हस्तक्षेप के बाद व्हाइट हाउस को अपनी मर्जी से लगाए गए बैन को वापस लेना पड़ा।