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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Israel-Hamas War: अब और भीषण होगा युद्ध? इजरायल ने मांगी अमेरिका से मदद, बाइडन सरकार मुहैया कराएगा ये खतरनाक हथियार

By Agency Edited By: Babli Kumari
Published: Sun, 31 Mar 2024 10:53 AM (IST)

Israel-Hamas War इजरायल और हमास के बीच युद्ध लगभग 6 महीनों से चल रहा है। दोनों देशों के बीच इस ...और पढ़ें

युद्ध के बीच इजरायल ने मांगा अमेरिका से मदद (फाइल फोटो)
युद्ध के बीच इजरायल ने मांगा अमेरिका से मदद (फाइल फोटो)

एएनआई, वाशिंगटन। इजरायल और हमास के बीच युद्ध जारी है। इस युद्ध में कई लोगों की जान अबतक जा चुकी है लेकिन अभी भी इजरायल इस युद्ध को खत्म करने के मूड में दिख नहीं रहा है। इजरायल इस चल रहे युद्ध के बीच कुछ बड़ा करने की तैयारी में है। इजरायल ने युद्ध के बीच अब अमेरिका से  हथियार की मदद मांगी है। 

दक्षिणी गाजा में इजरायल के सैन्य कार्रवाइयों पर बढ़ते तनाव और चिंताओं के बीच, बाइडन प्रशासन ने चुपचाप अरबों डॉलर के बम और लड़ाकू विमानों को इजराइल में स्थानांतरित करने की मंजूरी दे दी है।

अमेरिका बेचेगा इजरायल को यह सभी हथियार

द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, नए हथियार पैकेज में 1,800 से अधिक एमके 84 2,000-पाउंड बम और 500 एमके 82 500-पाउंड बम के साथ-साथ 25 एफ-35 लड़ाकू विमान शामिल हैं। पेंटागन और विदेश विभाग के अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की है।

अमेरिका ने युद्ध की शांति का आलाप रागते हुए गुपचुप बेचा हथियार 

इस तरह के महत्वपूर्ण हथियारों को हरी झंडी देने का निर्णय अमेरिका की तरफ संदेह से देखने को मजबूर करता है। जहां, बाइडन प्रशासन ने दक्षिणी गाजा में इजरायली हमले के संभावित प्रभावों के बारे में चिंता व्यक्त की थी। इसके साथ ही अमेरिका ने कंडीशनिंग सहायता या हथियारों के हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगाने से हमेशा मना करता रहा। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने प्रशासन के रुख को दोहराते हुए कहा कि इजराइल के आत्मरक्षा के अधिकार के लिए हमने निरंतर समर्थन की पुष्टि की और इस बात पर जोर दिया कि कंडीशनिंग सहायता उसकी नीति का हिस्सा नहीं रही है।

द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, आलोचकों का तर्क है कि एमके84 बम जैसे शक्तिशाली हथियारों का अंधाधुंध उपयोग, नागरिक आबादी के लिए महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करता है और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकता है।

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