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वैश्विक व्यापार में हड़कंप: अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाएगा कनाडा, पीएम मार्क कार्नी का बड़ा एलान

Updated: Sun, 23 Aug 2026 02:10 AM (IST)

अमेरिका ने शनिवार सुबह 20 अरब डॉलर के कनाडाई वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया, वहीं कनाडा ने जवाबी कार्रवाई के तहत शुल्क लगाने की शुरुआत के लिए आठ सितंबर की तारीख तय कर दी।

अमेरिका पर आठ सितंबर से जवाबी टैरिफ लगाएगा कनाडा : कार्नी (फोटो- रॉयटर)

अमेरिका पर आठ सितंबर से जवाबी टैरिफ लगाएगा कनाडा : कार्नी (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. कार्नी बोले अमेरिका पर आठ सितंबर से जवाबी टैरिफ लगाएगा कनाडा 

  2. व्यापार समझौता नाकाम रहने पर अमेरिका ने कनाडाई सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया

  3. कहा- नए टैरिफ का डॉलर-के-बदले-डॉलर आधार पर देंगे जवाब

  4. अमेरिका ने कनाडाई वस्तुओं पर लगाया 50 प्रतिशत टैरिफ

रॉयटर, ओटावा। अमेरिका और कनाडा के बीच नाजुक रिश्ते और खराब हो गए हैं। दोनों पुराने सहयोगियों के बीच शनिवार को ट्रेड वार शुरू हो गया। शुक्रवार देर रात वाशिंगटन में व्यापार वार्ता असफल होने के लिए दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।

वार्ता असफल होने के बाद अमेरिका ने शनिवार सुबह 20 अरब डॉलर के कनाडाई वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया, वहीं कनाडा ने जवाबी कार्रवाई के तहत शुल्क लगाने की शुरुआत के लिए आठ सितंबर की तारीख तय कर दी। आगे कोई बातचीत करने की योजना नहीं है।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शनिवार को कहा कि कनाडा अमेरिका से होने वाले कई तरह के आयात पर आठ सितंबर से टैरिफ लगाएगा। कार्नी ने कहा, कनाडा के कामगारों, किसानों, परिवारों और कारोबारियों की सुरक्षा के लिए कनाडा, वाशिंगटन के नए टैरिफ का डालर-के-बदले-डालर (उसी अनुपात में) के आधार पर जवाब देगा।

उन्होंने कहा, उन्होंने (अमेरिका ने) जो पेशकश की है, हम उसे स्वीकार नहीं कर सकते और उन्होंने जो मांगा है, हम वह नहीं देंगे। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए 50 प्रतिशत टैरिफ के जवाब में उठाया जा रहा है।

गौरतलब है कि कई दिनों की बातचीत के बाद भी दोनों पुराने सहयोगियों के बीच रिश्तों में आई खटास को दूर करने की आखिरी कोशिशें नाकाम रहीं। कार्नी ने कनाडा की व्यापार वार्ता टीम को वापस बुला लिया है।

इससे 'अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट' नाम मुक्त व्यापार समझौते के भविष्य पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ का असर वाइन, फर्नीचर, डेयरी उत्पादों, सीमेंट, कपड़े, हाकी के सामान जैसे कई सेक्टर पर पड़ा है।

ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ का असर कनाडा से हर साल अमेरिका भेजे जाने वाले सामान के लगभग पांच प्रतिशत हिस्से पर पड़ेगा।

कार्नी ने कहा कि जवाबी टैरिफ का असर स्टील, डेयरी, घरेलू उपकरण, कृषि उपकरण, पल्प और पेपर, और इलेक्ट्रानिक्स जैसे सेक्टर पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में हम इन नए टैरिफ उपायों की जानकारी देंगे।

कार्नी ने बताया कि अगर अमेरिका अपने टैरिफ में कमी करता, तो कनाडा स्टील, एल्युमीनियम और आटो सेकटर पर बचे हुए जवाबी टैरिफ हटाने और अपने प्रांतों को अमेरिकी शराब की बिक्री फिर से शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने को तैयार था। लेकिन वाशिंगटन की मांगें हद से ज़्यादा थीं।

कार्नी ने कहा कि कनाडा ने यह मान लिया है कि "अमेरिका बदल गया है" और दोनों देश "अपने पुराने रिश्तों पर वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने वाशिंगटन पर आखिरी समय में ऐसे बदलाव करने का आरोप लगाया जो "अनुचित और आर्थिक रूप से नुकसानदेह थे।

कार्नी ने कहा कि अमेरिका ने आखिरी समय में ऐसी शर्तें जोड़ीं जिनसे कनाडा में बनी गाड़ियों पर टैरिफ में मिलने वाली राहत कम हो जाती, दूसरे देशों के साथ व्यापार समझौते करने की कनाडा की क्षमता सीमित हो जाती।

प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि ओटावा उन उद्योगों के लिए खास टैरिफ सुरक्षा के साथ जवाब देगा जिन पर अमेरिका के नए टैक्स का असर पड़ेगा।

वहीं ट्रंप प्रशासन के मुख्य प्रमुख व्यापार वार्ताकार जेमिसन ग्रीर ने फाक्स एंड फ्रेंड्स वीकेंड से कहा, ट्रंप प्रशासन स्टील, आटो और लकड़ी पर टैरिफ कम करने का प्रस्ताव दे रहा था।

आगे कहा कि उन्हें हमेशा सबसे अच्छी डील मिली है, और उन्हें और भी बेहतर डील मिल सकती थी, लेकिन वे ऐसा नहीं चाहते थे। हमने बहुत बर्दाश्त कर लिया है, और इसलिए हमने जवाबी कदम उठाए हैं। हमारा मकसद अमेरिकी कामगारों की सुरक्षा करना है।