भारत-कनाडा के रिश्ते सहयोग के लिहाज से आश्चर्यजनक स्थिति में, तनावपूर्ण संबंधों का दौर खत्म
भारत और कनाडा के बीच वर्षों के तनावपूर्ण संबंधों का दौर खत्म हुआ और अब उसमें सकारात्मक बदलाव आया है। ...और पढ़ें

भारत-कनाडा के रिश्ते सहयोग के लिहाज से आश्चर्यजनक स्थिति में (फोटो- एएनआई)
HighLights
टोरंटो पहुंचीं सीतारमण की समकक्ष के साथ आर्थिक मसलों पर महत्वपूर्ण वार्ता
दोनों देशों के बीच खाद्य सुरक्षा, एआइ, ऊर्जा और दुर्लभ खनिजों पर बढ़ेगा सहयोग
एएनआई, टोरंटो। भारत और कनाडा के बीच वर्षों के तनावपूर्ण संबंधों का दौर खत्म हुआ और अब उसमें सकारात्मक बदलाव आया है।
कनाडा की यात्रा पर गईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रिश्तों के मौजूदा दौर को द्विपक्षीय सहयोग के लिहाज से आश्चर्यजनक बताया है। कहा कि दोनों देशों का बढ़ता सहयोग आर्थिक अनिश्चितता वाले वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को सामान्य स्थिति में लाने में अहम साबित हो सकता है।
सीतारमण ने यह बात टोरंटो में कनाडाई समकक्ष फ्रैंकाइस फिलिप कैंपेन से वार्ता के बाद कही है। दोनों देशों के वित्त मंत्री भारत-कनाडा आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए वार्ता कर रहे हैं।
भारतीय वित्त मंत्री ने कहा, हमारे संबंधों का यह आश्चर्यजनक समय है। संबंधों के स्तर में यह बदलाव तब हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री कार्नी की मुलाकात हुई। उसी के बाद दोनों देशों के बीच वार्ता के स्तर में बढ़ोतरी हुई।
इसी के चलते हम आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए पहली वार्ता कर रहे हैं। यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। ऐसे में भारत और कनाडा मिलकर उस अनिश्चितता को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
विदित हो कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला बड़ा देश है जबकि कनाडा औद्योगिक रूप से सबसे ज्यादा विकसित सात देशों में से एक है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, दोनों देशों के बीच खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा, आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र भविष्य में सहयोग बढ़ाने का माध्यम बन सकते हैं। साथ ही हम वैश्विक आवश्यकता वाली वस्तुओं के लिए महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखला कायम कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि सीतारमण 25 अगस्त से दो सितंबर तक कनाडा के आधिकारिक दौरे पर हैं। वहां पर वह आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए मंत्री स्तर की वार्ता के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों से भी मुलाकात करेंगी।
भारत अभी कनाडा को प्रतिवर्ष 4.67 अरब डालर की वस्तुओं का निर्यात करता है जबकि कनाडा से वह 3.28 अरब डॉलर की वस्तुओं का आयात करता है। वित्त मंत्री के दौरे में व्यापार के क्षेत्रों को विकसित कर उसमें बढ़ोतरी का नया लक्ष्य निर्धारित करने की योजना है।
