यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
China America Relations: अमेरिका क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का सबसे बड़ा अवरोधक, पेंटागन की रिपोर्ट पर आगबबूला हुआ चीन
चीन ने बुधवार (25 अक्टूबर) को कहा कि अमेरिका क्षेत्र में शांति और स्थिरता का सबसे बड़ा अवरोधक है। चीन का यह बयान पेंटागन की ओर से जारी उस रिपोर्ट के ब ...और पढ़ें

HighLights
- पेंटागन ने चीनी न्यूक्लियर पावर गाइडेड मिसाइल सबमरीन पर दी थी रिपोर्ट
- रूस ने अपनी सुरक्षा सुनश्चित करने के चीन के संप्रभु अधिकार पर जोर दिया
- बीजिंग 2035 तक हथियारों की बढ़ाकर संख्या चार गुणा करेगा- रिपोर्ट
- वांग यी गुरुवार को अमेरिका का दौरा करेंगे
एपी, बैंकॉक। चीन ने बुधवार (25 अक्टूबर) को कहा कि अमेरिका क्षेत्र में शांति और स्थिरता का सबसे बड़ा अवरोधक है। चीन का यह बयान पेंटागन की ओर से जारी उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि चीन अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है। इसमें चीन की ओर से पहली न्यूक्लियर पावर गाइडेड मिसाइल सबमरीन की जानकारी दी गई थी।
20 अक्टूबर को प्रकाशित पेंटागन रिपोर्ट में पहली बार पुष्टि की गई थी कि पिछले 18 महीनों में चीनी शिपयार्डों में देखी गई उन्नत सबमरीन टाइप 093बी गाइडेड मिसाइल सबमरीन है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने पेंटागन के रिपोर्ट के निष्कर्षों को गलत बताया और इजरायल और यूक्रेन की मदद के साथ ही दुनिया भर में सैन्य प्रतिष्ठानों के निर्माण को लेकर उस पर पलटवार किया है।
बीजिंग 2035 तक हथियारों की बढ़ाकर संख्या चार गुणा करेगा- रिपोर्ट
चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू कियान ने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को युद्ध सामग्री और क्लस्टर बम भेजे। भूमध्य सागर में नौसैनिक बेड़ा भेजने के साथ ही इजरायल को हथियार और युद्धक सामग्री उपलब्ध कराई। पेंटागन की रिपोर्ट में कहा गया था कि बीजिंग 2035 तक अपने पास मौजूद हथियारों की संख्या को लगभग चार गुना बढ़ाकर 1,500 करने की राह पर है।
वांग यी गुरुवार को अमेरिका का दौरा करेंगे
इस बीच राष्ट्रपति जो बाइडन और शी चिनफिंग के बीच नवंबर में संभावित मुलाकात को देखते हुए चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी गुरुवार को अमेरिका का दौरा करेंगे। वहीं, रूस ने चीन को लेकर आई खबर पर किसी तरह की चिंता व्यक्त नहीं की है। रूस ने बीजिंग के साथ मास्को की उन्नत रणनीतिक साझेदारी और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के चीन के संप्रभु अधिकार पर जोर दिया है।