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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    China Covid Policy: चीन ने जीरो कोविड नीति का किया बचाव, इसके विफल होने के दावों को किया खारिज

    By AgencyEdited By: Devshanker Chovdhary
    Updated: Sat, 15 Oct 2022 09:05 PM (IST)

    चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने शनिवार को अपनी जीरो-कोविड ​​​​नीति का बचाव किया और इसके विफल होने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि वास्तविकता य ...और पढ़ें

    चीन ने जीरो कोविड नीति का किया बचाव, इसके विफल होने के दावों को किया खारिज।
    चीन ने जीरो कोविड नीति का किया बचाव, इसके विफल होने के दावों को किया खारिज।

    बीजिंग, एजेंसी। चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने शनिवार को अपनी जीरो-कोविड ​​​​नीति का बचाव किया और इसके विफल होने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि वास्तविकता यह है कि बीजिंग के उपाय सबसे अधिक प्रभावी है, जिसका नतीजा है कि अभी कोरोना वायरस के मामले कम है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रवक्ता सुन येली ने कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए हमारे उपायों ने देश के लिए अच्छा काम किया है और जीरो कोविड नीति विज्ञान आधारित पालिसी है।

    राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ सार्वजनिक विरोध

    सुन येली ने कहा, 'कोविड ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाया है। जैसा कि कोविड अभी द्वार पर है, हालांकि यह अभी भी सुस्त है और यही वास्तविकता है।' कांग्रेस से कुछ दिन पहले, बीजिंग में राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी जिनपिंग के खिलाफ सार्वजनिक विरोध देखा गया था। विरोध के दौरान, कोविड के मामलों में वृद्धि के साथ जीरो कोविड नीति के तहत शहरों में लागू लाकडाउन की निंदा की गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में सख्त नियंत्रण उपायों के परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था की मंदी और बेरोजगारी में वृद्धि हुई है।

    जीरो कोविड ​​​​नीति एक विज्ञान-आधारित पालिसी

    प्रवक्ता ने कहा, 'हम लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। यह हमारे महामारी के खिलाफ प्रतिक्रिया प्रयासों का हिस्सा है और जीरो कोविड ​​​​नीति को सार्वजनिक रूप से अपनाया गया है और यह एक विज्ञान-आधारित नीति है।' उन्होंने कहा कि चीन में बुजुर्गों सहित बड़ी आबादी है, जिससे चिकित्सा संसाधनों में कमी आई है।

    कई शहरों में लाकडाउन से पड़ा प्रभाव

    इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ल्हासा, शिगात्से, शन्नान, नागरी, नागचू, न्यिंगची और चमडो सहित अन्य क्षेत्र के प्रमुख शहरों में लाकडाउन लगा दिया है। जिस कारण से पर्यटन पर प्रभाव पड़ा और राजस्व घट गया है। इसी बीच, तिब्बत के अंदर लोगों के खिलाफ हो रहे अत्याचार चीनी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दिखने लगा है।

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