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    'ढूंढो और मार डालो', चीन ने उतारे AI-संचालित ड्रोन स्वार्म, जो बिना इंसान के खुद करते हैं दुश्मन का शिकार

    Updated: Sun, 31 May 2026 06:58 AM (IST)

    चीन ने युद्ध तकनीक में एक नया और खतरनाक अध्याय लिख दिया है। चीनी सरकारी मीडिया ने मार्च 2026 में 'एटलस' ड्रोन स्वार्म सिस्टम का पूर्ण प्रदर्शन दुनिया ...और पढ़ें

    चीन ने उतारे AI-संचालित ड्रोन स्वार्म, जो बिना इंसान के खुद करते हैं दुश्मन का शिकार (फोटो- AI Generated)

    चीन ने उतारे AI-संचालित ड्रोन स्वार्म, जो बिना इंसान के खुद करते हैं दुश्मन का शिकार (फोटो- AI Generated)

    HighLights

    1. इंसान की जरूरत नहीं एआई खुद लेता है निर्णय

    2. एटलस सिस्टम एक साथ 96 ड्रोन मिनटों में लॉन्च कर सकता

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन ने युद्ध तकनीक में एक नया और खतरनाक अध्याय लिख दिया है। चीनी सरकारी मीडिया ने मार्च 2026 में 'एटलस' ड्रोन स्वार्म सिस्टम का पूर्ण प्रदर्शन दुनिया के सामने पेश किया, एक ऐसी प्रणाली जो बिना किसी इंसानी हस्तक्षेप के दुश्मन को खोज कर नष्ट कर सकती है।

    क्या है 'एटलस' सिस्टम?

    चीनी सरकारी मीडिया ने 25 मार्च 2026 को एटलस ड्रोन स्वार्म सिस्टम का पहला पूर्ण प्रदर्शन दिखाया, जिसमें टोही से लेकर सटीक हमले तक की पूरी 'किल चेन' एक साथ दिखाई गई। यह सिस्टम स्वार्म-2 ग्राउंड कॉम्बैट व्हीकल, कमांड व्हीकल और सपोर्ट व्हीकल से मिलकर बना है।

    प्रदर्शन के दौरान टेस्ट रेंज में तीन एक जैसे दिखने वाले लक्ष्य रखे गए थे। पहले टोही ड्रोन उड़ाए गए जिन्होंने नकली लक्ष्यों के बीच से असली कमांड व्हीकल को पहचाना और टार्गेटिंग डेटा आगे भेजा। इसके बाद स्वार्म-2 व्हीकल ने हर तीन सेकंड के अंतराल पर फिक्स्ड-विंग ड्रोन छोड़ने शुरू किए।

    सिर्फ एक ऑपरेटर, 96 ड्रोन

    चीन इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी ग्रुप कॉर्प द्वारा विकसित यह एटलस सिस्टम एक साथ 96 ड्रोन मिनटों में लॉन्च कर सकता है, और इन सभी को सिर्फ एक ऑपरेटर कंट्रोल करता है। एआई एल्गोरिदम की मदद से ये ड्रोन खुद आपस में समन्वय करते हैं और टोही, जैमिंग तथा हमले के मिशन स्वायत्त रूप से अंजाम देते हैं।

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    इंसान की जरूरत नहीं एआई खुद लेता है निर्णय

    इस पूरी प्रक्रिया में किसी इंसान ने न तो लक्ष्य चुना, न ही हथियार को गाइड किया, एआई एल्गोरिदम ने सब कुछ खुद किया। चीन ने दुनिया को कैमरे पर दिखा दिया कि वह स्वायत्त हत्यारे ड्रोन बना चुका है।

    सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, एआई-सक्षम प्री-ट्रेनिंग और एम्बेडेड एल्गोरिदम की बदौलत ये ड्रोन बदलते युद्धक्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार खुद को डायनामिक रूप से ढाल भी सकते हैं, यह क्षमता पूरी तरह इंसानी नियंत्रण से परे है।

    समुद्र में भी तैनाती

    25 मार्च 2026 को ही चीन ने L30 मानवरहित समुद्री जहाजों के एक स्वार्म का ऑपरेशनल अभ्यास भी दिखाया, जो गुआंगडोंग प्रांत के झुहाई तट के पास किया गया। इस अभ्यास में कई जहाज बिना किसी क्रू के स्वतंत्र रूप से नेविगेट करते हुए एक केंद्रीय कमांड से संचालित हुए।