यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
China-Taiwan Tensions: पड़ोसी देश ताइवान पर हमला करेगा ड्रैगन? दूसरे दिन भी किया सैन्य अभ्यास, आसपास दिखे कई जंगी जहाज
ताइवान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के बयानों से चिढ़े चीन ने दूसरे दिन भी व्यापक सैन्याभ्यास किया। ताइवान के आसपास शुक्रवार को बड़े पैमाने प ...और पढ़ें

HighLights
- सैन्याभ्यास के दौरान ताइवान के आसपास दिखे 49 एयरक्राफ्ट, 19 जंगी जहाज
- पीएलए ने कहा, इसका उद्देश्य ताइवान पर नियंत्रण करने की क्षमता दिखाना है
पीटीआई, बीजिंग। ताइवान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के बयानों से चिढ़े चीन ने दूसरे दिन भी व्यापक सैन्याभ्यास किया। चीन की संप्रभुता को खारिज करने वाले राष्ट्रपति की टिप्पणियों से खफा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ताइवान के राष्ट्रपति को दंडित करना चाहती है।
ताइवान के करीब गूंजती रही जेट विमानों की आवाज
ताइवान के आसपास शुक्रवार को बड़े पैमाने पर चीनी जेट विमानों की आवाज गूंजती रहीं और जंगी जहाज जलडमरूमध्य में ताइवान के क्षेत्र में घुसकर धमक दिखाने की कोशिश करते दिखे। चीनी सेना का कहना है कि सैन्याभ्यास का उद्देश्य ताइवान को कब्जे में लेने की अपनी क्षमता दिखाने और ताइवान की शक्ति का आकलन करना है। वहीं, ताइवान के राष्ट्रपति ने कहा कि वह बाहरी चुनौती से निपटने व देश की रक्षा करने के लिए अपनी सेना के साथ खड़े हैं।
आसपास दिखे 49 एयरक्राफ्ट
ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार सुबह द्वीप के आसपास पीएलए के 49 एयरक्राफ्ट, 19 जंगी जहाज और सात कोस्ट गार्ड के जहाज देखे गए। कहा, 35 एयरक्राफ्ट ताइवान क्षेत्र में घुसे। इस दौरान ताइवान के सशस्त्र बल स्थिति पर नजर रखे रहे और उसका जवाब देने को तैयार रहे।
चीनी आर्मी ने क्या कहा?
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के ईस्टर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता ली शी ने प्रेसवार्ता में कहा कि हमारी थल, वायु व नौसेना ने ताइवान को घेरकर संयुक्त सैन्याभ्यास किया। इस दो दिवसीय अभ्यास का उद्देश्य ताइवान पर नियंत्रण और उसके क्षेत्रों पर कब्जा करना है।
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नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से भड़का है चीन
सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि अगस्त, 2022 में तत्कालीन अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद से पीएलए ने आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है। वह किसी बाहरी हस्तक्षेप से निपटने व ताइवान पर कब्जे की तैयारी कर रहा है। चीन ताइवान को अपना क्षेत्र मानता है, जबकि ताइवान इस दावे को खारिज करता है।