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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जापान में तेजी से फैल रहा है मांस खाने वाला बैक्टीरिया, संक्रमण से 48 घंटो की भीतर हो जाती है मौत

    By Agency Edited By: Sachin Pandey
    Updated: Sat, 15 Jun 2024 06:45 PM (IST)

    Japan जापान में एक घातक और दुर्लभ बीमारी काफी तेजी से फैल रही है जिसे काफी खतरनाक माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार इसके संक्रमण में आने से 48 घंटों क ...और पढ़ें

    बीमारी के संक्रमण में आने से 48 घंटों के भीतर ही मरीज की मौत हो सकती है। (File Photo)
    बीमारी के संक्रमण में आने से 48 घंटों के भीतर ही मरीज की मौत हो सकती है। (File Photo)

    एजेंसी, टोक्यो। जापान में एक घातक और दुर्लभ बीमारी काफी तेजी से फैल रही है, जिसका नाम है स्ट्रेप्टोकोकल टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (एसटीएसएस)। जानकारी के अनुसार यह बीमारी मांस खाने वाले बैक्टीरिया से होती है और इसका प्रसार पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा हो रहा है, खासकर कि देश की राजधानी टोक्यो में।

    यह बीमारी काफी खतरनाक मानी जा रही है और बताया जा रहा है कि इसके संक्रमण में आने से 48 घंटों के भीतर ही मरीज की मौत हो सकती है। स्थानीय समाचार एजेंसी की रिपोर्ट्स के अनुसार पहली छमाही में अकेले टोक्यो में इस बीमारी के 145 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से अधिकतकर मामले 30 से अधिक उम्र के लोगों में हैं। वहीं, इस बीमारी का मृत्यु दर लगभग 30 फीसदी है।

    छह महीने में 900 से अधिक मामले

    जापानी न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 2 जून तक, देश में इस बीमारी के 977 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि पिछले पूरे साल में कुल 941 मामले दर्ज किए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार स्ट्रेप्टोकोकल बैक्टीरिया के संक्रमण के लिए पैर के घाव विशेष रूप से अतिसंवेदनशील होते हैं और छाले जैसी छोटी चोटें प्रवेश बिंदु हो सकती हैं। बुजुर्ग मरीजों में संक्रमण से मृत्यु तक कम से कम 48 घंटे लग सकते हैं।

    ये हैं लक्षण

    जानकारी के अनुसार ये बैक्टीरिया अंगों में दर्द एवं सूजन, बुखार, लो ब्लड प्रेशर जैसे गंभीर और तेजी से बढ़ने वाले लक्षण पैदा कर सकते हैं। ये लक्षण सांस संबंधी समस्याएं, अंगों का फेल होना और यहां तक ​​कि मृत्यु तक बढ़ सकते हैं। 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति विशेष रूप से गंभीर परिणामों के प्रति संवेदनशील होते हैं।

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