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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Israel-Hamas War: बैंडेज की जगह कपड़े तो सर्जरी के लिए सिलाई वाली सुई का इस्तेमाल, ऐसे हो रहा गाजा में मरीजों का इलाज

    By AgencyEdited By: Babli Kumari
    Updated: Sun, 22 Oct 2023 10:52 AM (IST)

    Gaza City Hospitals गाजा के अस्पताल में हुए हमले के बाद से सैकड़ों घायल लोगों का इलाज किया जा रहा है। अस्पताल में न पानी है न बेड है और न ही मरीजों को ...और पढ़ें

    ऐसे हो रहा गाजा में मरते लोगों को बचाने की कोशिश
    ऐसे हो रहा गाजा में मरते लोगों को बचाने की कोशिश

    HighLights

    1. गाजा के अस्पतालों में मरते लोगों को बचा रहे डॉक्टरों ने बयां की तस्वीर
    2. गाजा के अस्पतालों में चारों तरफ मची मरीजों की चीख-पुकार
    3. गाजा के अस्पतालों में एंटीसेप्टिक के लिए सिरका तो सर्जरी के लिए सिलाई वाली सुई का हो रहा इस्तेमाल

    एपी, गाजा पट्टी। गाजा के अस्पतालों में चारों तरफ मरीजों की चीख-पुकार मची हुई है... बिना एनेस्थीसिया, लाइट और बेड के यहां तक कि बैंडेज की जगह कपड़े तो सर्जरी के लिए सिलाई वाली सुई का इस्तेमाल करते हुए गाजा के डॉक्टर मरते लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। 

    डॉक्टर्स बताते हैं कि जब भी इजरायली बमबारी तेज हो जाती है तो गाजा के अस्पतालों में घायलों की भीड़ लग जाती है। घायलों की लंबी कतार अस्पतालों के बाहर खड़ी हो जाती है। बच्चों से लेकर हर उम्र के मरीजों की  चीख-पुकार से पूरा अस्पताल गूंज उठता है। लेकिन अब संसाधनों की कमी के कारण सभी का उचित इलाज करना डॉक्टर्स के लिए एक चुनौती बनता जा रहा है। 

    एक 51 वर्षीय आर्थोपेडिक सर्जन अस्पताालों में चल रहे इलाज को लेकर बताते हैं कि पर्याप्त एनेस्थीसिया के बिना सर्जरी कराने वाले मरीज की चीखों से अस्पतालों में इलाज करा रहे अन्य लोगों की आंखों में डर को साफ तौर पर देखा जा सकता है। जो लोग अस्पतालों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं उनके चेहरे भयभीत नजर आ रहे हैं, चारों तरफ चीख-पुकार से अस्पताल का माहौल दहशत से भरा हुआ है। 

    अस्पतालों के फर्श और गलियारों में हो रहा घायलों का इलाज 

    डॉक्टर्स ने बताया कि अस्पतालों में घायलों लंबी-लंबी लाइनें देखी जा सकती हैं। बेड न होने की वजह से जहां भी संभव हो मरीजों का इलाज करना पड़ता है, चाहे वह अस्पताल का फर्श हो या गलियारा। दो के बजाय 10 मरीजों से भरे कमरों में गंभीर घायलों का इलाज किया जा रहा है। पर्याप्त चिकित्सा साजोसामान के बिना जो कुछ भी मिलता है उसी से काम चलाना पड़ता है, चाहे वह पट्टियों की जगह कपड़े का इस्तेमाल करना हो या एंटीसेप्टिक की जगह सिरका का प्रयोग हो या फिर सर्जरी के लिए सिलाई वाली सुई का यूज करना हो, घायलों को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। 

    खबरें और भी

    डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के साथ काम करने वाले आबेद ने अल कुद्स अस्पताल से न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया, "हमारे पास हर चीज की कमी है, और हम बहुत जटिल सर्जरी से निपट रहे हैं।" इजरायली सेना द्वारा शुक्रवार को दिए गए निकासी आदेश की अवहेलना करते हुए चिकित्सा केंद्र अभी भी सैकड़ों रोगियों का इलाज कर रहा है। बमबारी से विस्थापित करीब 10,000 फलिस्तीनियों ने भी अस्पताल परिसर में शरण ली है।

    गाजा के नागरिकों के पास साफ पानी की भी किल्‍लत

    इजरायली नाकाबंदी के कारण गाजा पट्टी में अस्पताल पूरी तरह चरमराने के कगार पर पहुंच गए हैं। इस नाकाबंदी के कारण क्षेत्र में बिजली, भोजन और अन्य आवश्यकताओं की आपूर्ति में लगातार कटौती हो रही है। गाजा के नागरिकों के पास साफ पानी का अभाव है। अस्पतालों में दर्द कम करने और संक्रमण रोकने के लिए बुनियादी दवाएं ख़त्म हो रही हैं, साथ ही जनरेटरों के लिए ईंधन भी खत्म हो रहा है।

    अस्पताल में बीते दिन हुए बमबारी से सैकड़ों लोग घायल

    गाजा के दीर अल-बलाह शहर के अस्पताल में बीते दिन हुई बमबारी से सैकड़ों लोग घायल हुए। अस्पताल पर हुए रॉकेट हमले में करीब 500 से अधिक फलस्तीनियों की जान गई। एक तरफ हमास इसके लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहरा रहा है तो वहीं इजरायल ने इसके लिए फलस्तीनी इस्लामिक जिहादी संगठन पर ही आरोप लगाया।

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