यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
COP 28 Summit: इजरायल-हमास संघर्ष से लेकर पर्यावरण और इन मुद्दों पर हुई बातचीत, युद्ध के विरोध में होगा प्रदर्शन
संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कोप-28 में भाग लेने वाले सदस्य देशों को रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में जन विरोध देखने को मिला। इजर ...और पढ़ें

एजेंसी, दुबई। संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कोप-28 में भाग लेने वाले सदस्य देशों को रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में जन विरोध देखने को मिला। इजरायल-हमास के युद्ध से लेकर पर्यावरण के मुद्दों तक पर यूएई में अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन देखा गया है। इसमें कार्यकर्ताओं को शिखर सम्मेलन के अंदर सख्त दिशानिर्देशों के तहत अपना विरोध दर्ज कराने की अनुमति दी गई है।
देश में लंबे समय से प्रतिबंधित संगठनों के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने की अनुमति प्रदान की गई है। कार्यकर्ताओं को लगभग एक दशक में पहली बार विरोध दर्ज कराने की अनुमति दी गई। हालांकि कई लोग इस बात को भी दबे स्वर में स्वीकार कर रहे हैं कि ऐसा हो सकता है कि उन्हें देश में कभी वापस आने की अनुमति न दी जाए। ह्यूमन राइट्स वाच में यूएई पर केंद्रित शोधकर्ता जाय शीया देश की पहली यात्रा कर रही हैं।
जाय ने कहा, कोप-28 से जुड़े हमारे प्रमुख मुद्दों में से एक यह भी है कि यूएई सरकार इसका उपयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि को चमकाने के लिए कर रही है, जिसमें सीमित विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई है। लेकिन कुल मिलाकर यह यूएई की एक ऐसी झूठी छवि बनाने में मदद करेगा, जिससे यह प्रतीत होगा कि देश में अधिकारों के लिए सम्मान है, जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।