Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दमिश्क में कर्फ्यू, असद के शहर लताकिया में सन्नाटा; सीरिया में अब आगे क्या होगा? टिकीं दुनियाभर की निगाहें

    Updated: Mon, 09 Dec 2024 10:42 PM (IST)

    सीरिया की सत्ता से बशर अल-असद हट गए हैं और वहां की स्थितियों पर विश्व की नजर है। राजधानी दमिश्क अलेप्पो और होम्स सहित हयात तहरीर अल-शाम के नियंत्रण वा ...और पढ़ें

    विद्रोह के बाद सीरिया के हालात पर दुनिया भर की नजरें।
    विद्रोह के बाद सीरिया के हालात पर दुनिया भर की नजरें।

    HighLights

    1. रूस ने कहा- नए नेतृत्व से वह संबंधों पर बात करेगा।
    2. आईएस से जुड़े लोगों से अमेरिका, इजरायल सतर्क।

    रॉयटर्स, दमिश्क। सीरिया की सत्ता से बशर अल-असद हट गए हैं और वहां की स्थितियों पर विश्व की नजर है। राजधानी दमिश्क, अलेप्पो और होम्स सहित हयात तहरीर अल-शाम के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में शांति है। दमिश्क में कर्फ्यू लगा हुआ है और बाजार बंद हैं। विद्रोही इदलिब के नंबर वाले वाहनों पर शहर में गश्त कर रहे हैं और प्रमुख सरकारी इमारतों पर उनका पहरा है।

    रूस ने कहा है कि सीरिया में मौजूद अपने नागरिकों और सैन्य अड्डों के बारे में नए नेतृत्व से बात करेगा। दमिश्क में रूस का दूतावास पूर्व की भांति कार्य कर रहा है। जबकि अल कायदा से पुराने संबंध वाले संगठन के दमिश्क पर कब्जा करने से अमेरिका और इजरायल सतर्क हैं। असद का जाना क्षेत्र में रूस और ईरान के लिए बड़ा झटका है। जबकि असद को नापसंद करने वाले तुर्किये का सीरिया में प्रभाव बढ़ना तय माना जा रहा है।

    अरब देश हुए चौकन्ने

    सीरिया की स्थिति से अरब देश भी चौकन्ने हैं। जार्डन, कतर, यूएई और बहरीन में खासतौर पर सतर्कता बरती जा रही है। लड़ाकों के संगठन के प्रमुख अबू मुहम्मद अल-गोलानी को नई भूमिका में अहमद अल-शारा संबोधित किया जा रहा है जो सुन्नी मुस्लिमों में सम्मान वाला धार्मिक ओहदा है।

    दमिश्क की 1,300 वर्ष पुरानी उमैय्यद मस्जिद पहुंची भारी भीड़ को संबोधित करते हुए गोलानी ने कहा कि इस जीत ने क्षेत्र के इतिहास में नए अध्याय की शुरुआत की है। हमें सीरिया को आदर्श इस्लामिक राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करना है।

    खबरें और भी

    लोगों की आंखों में खुशी के आंसू

    असद के शासन में प्रधानमंत्री रहे मुहम्मद जलाली ने कहा है कि वह गोलानी से जल्द मुलाकात करना चाहते हैं जिससे सत्ता के हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेज उन्हें सौंप सकें। असद परिवार की सत्ता में जिन लोगों ने प्रताड़ना झेली और जेल में बंद थे, वे अब मुक्त और आह्लादित हैं। कर्फ्यू के बावजूद वे खुले में अपनी खुशी के इजहार का मौका निकाल रहे हैं। बहुत से लोगों की आंखों में खुशी के आंसू हैं..।

    असद के शहर में खामोशी

    बशर अल असद परिवार के गृह स्थान समुद्र तटीय शहर लताकिया में सन्नाटे के हालात हैं। वहां पर लोग भयभीत है, फिलहाल वे खाद्य सामग्री और ईंधन की दिक्कतों से जूझ रहे हैं। लड़ाकों ने वहां पर पहुंचकर आमजनों से अपने हथियार समर्पित करने के लिए कहा है।

    अमेरिका ने आईएस के 75 ठिकानों पर की बमबारी

    सीरिया में स्थित अमेरिका के अड्डे में उसके 900 सैनिक मौजूद हैं। ये सैनिक असद विरोधी कुर्दों के सशस्त्र संगठन के सहयोग के लिए वहां पर हैं। अमेरिका का कहना है कि ये सैनिक आतंकी संगठन आईएस के उन्मूलन के अभियान का हिस्सा हैं। रविवार रात अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने सीरिया में आईएस के कब्जे वाले इलाकों में 75 स्थानों पर बमबारी की। अमेरिका ने कहा है कि असद की सत्ता के जाने का फायदा वह आईएस या अन्य किसी आतंकी संगठन को नहीं उठाने देगा।

    यह भी पढ़ें: 'कॉमेडी किंग हैं राहुल गांधी', धर्मेंद्र प्रधान को कांग्रेस सांसद पर क्यों आया गुस्सा?

    यह भी पढ़ें: जार्ज सोरोस और कांग्रेस के संबंधों पर संसद में हंगामा, अदाणी मुद्दे पर नहीं मिला सपा व टीएमसी का साथ