यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Israel Hamas War: ईरान के नेता खामेनेई ने मुस्लिम देशों से की इजरायल के बहिष्कार की अपील, बोलीविया ने तोड़े संबंध
इजरायल-हमास जंग के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई का बड़ा बयान आया है। उन्होंने मुस्लिम देशों से इजरायल का बहिष्कार करने की अपील की है। ख ...और पढ़ें

रायटर, दुबई। इजरायल-हमास जंग के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई का बड़ा बयान आया है। उन्होंने मुस्लिम देशों से इजरायल का बहिष्कार करने की अपील की है। खामेनेई ने कहा कि मुस्लिम देशों की सरकारें इजरायल को भेजे जाने वाले तेल समेत दूसरी जरूरी चीजों की आपूर्ति को रोक दें। खामेनेई ने ये बातें कुछ छात्रों से मुलाकात के दौरान अपने संबोधन में कहीं।
ईरान ने मुस्लिम देशों से की अपील
ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा कि मुस्लिम देशों को ये नहीं भूलना चाहिए कि अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन हमेशा इस्लाम के खिलाफ खड़े हुए हैं और इन्होंने फलस्तीन को दबाया है। मुस्लिम देशों को समझना चाहिए कि ये सिर्फ इजरायल के बारे में नहीं है, बल्कि उन देशों से भी जुड़ा मसला है जिससे इजरायल के संपर्क हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता ने आगे कहा कि जीत बहुत दूर नहीं है, वह फलस्तीनियों की ही होगी। अयातुल्ला खामेनेई ने ये भी कहा कि इंग्लैंड, फ्रांस, अमेरिका आदि में भी इजरायल और यूएस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं। खामेनेई ने दावा किया कि युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में अमेरिका और इजरायल की छवि को नुकसान पहुंचा है।
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बोलीविया ने इजरायल से तोड़े संबंध
बोलीविया ने मंगलवार को कहा कि उसने गाजा पट्टी पर हमलों के कारण इजरायल के साथ राजनयिक संबंध तोड़ दिए हैं। कोलंबिया, चिली और जार्डन ने भी अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है। अमेरिका के प्रमुख सहयोगी जार्डन ने इजरायल के राजदूत को अपने देश से बाहर रहने का आदेश दिया है।
कोलंबिया, चिली और बोलीविया ने इजरायल हमलों और फलस्तीनी नागरिकों की मौत की निंदा की है। तीनों देशों ने युद्धविराम का आह्वान किया है। बोलीविया और चिली मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए रास्ता देने के लिए दबाव बना रहे हैं साथ ही इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं। कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने हमलों को फलस्तीनी लोगों का नरसंहार बताया।
इसे लेकर इजरायल ने कहा है कि बोलीविया सरकार का इजरायल के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने का निर्णय आतंकवाद और ईरान में अयातुल्ला शासन के सामने आत्मसमर्पण है। इस फैसले से बोलीविया सरकार खुद को आतंकवादी संगठन हमास के साथ जोड़ रही है, जिसने 1,400 से अधिक इजरायलियों का नरसंहार किया और बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का अपहरण किया।

