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    ईरान की खौफनाक चेतावनी: दुनिया के मनोरंजन क्षेत्रों को निशाना बनाएगी ईरानी सेना, वैश्विक पर्यटन पर संकट

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 06:58 AM (IST)

    मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के तीन सप्ताह बाद स्थिति और भी विस्फोटक हो गई है। शुक्रवार को ईरान ने एक सनसनीखेज चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अब उसके ...और पढ़ें

    ईरान ने कहा दुनिया भर के पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और पर्यटन स्थल दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे (फोटो- रॉयटर)

    ईरान ने कहा दुनिया भर के पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और पर्यटन स्थल दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे (फोटो- रॉयटर)

    HighLights

    1. पेंटागन ने क्षेत्र में अतिरिक्त युद्धपोत और मरीन भेजने की घोषणा की है

    2. ईरान की इस धमकी ने वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है

    डिजिटल डेस्क नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के तीन सप्ताह बाद स्थिति और भी विस्फोटक हो गई है। शुक्रवार को ईरान ने एक सनसनीखेज चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अब उसके जवाबी हमलों का दायरा केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर के मनोरंजन और पर्यटन स्थल भी इसके निशाने पर होंगे। ईरान की इस धमकी ने वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

    अमेरिका पश्चिम एशिया में भेज रहा मरीन सैनिक


    एक ओर जहां पेंटागन ने क्षेत्र में अतिरिक्त युद्धपोत और मरीन भेजने की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सबको चौंका दिया है। ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों को समाप्त करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह यू-टर्न वैश्विक अर्थव्यवस्था में मची तबाही का नतीजा है। तेल की कीमतों में आए भारी उछाल के कारण अमेरिकी शेयर बाजार धराशायी हो गया है, जिससे प्रशासन पर युद्ध रोकने का भारी दबाव है।

    नवरोज के जश्न के बीच बरसी मिसाइलें

    यह तनाव ऐसे समय में चरम पर है जब ईरान में फारसी नव वर्ष 'नवरोज' और मुस्लिम कैलेंडर के पवित्र दिन मनाए जा रहे हैं। उत्सव के इस माहौल के बीच इजरायली लड़ाकू विमानों ने तेहरान पर बमबारी की, जिसके जवाब में ईरान ने इजरायल और पड़ोसी खाड़ी देशों के ऊर्जा केंद्रों पर घातक हमले किए।

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    अनिश्चितता के बादल और वैश्विक संकट

    28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को कितना नुकसान पहुंचा है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। तेहरान से सूचनाओं का प्रवाह सीमित होने के कारण यह भी रहस्य बना हुआ है कि वास्तव में सत्ता की कमान किसके हाथ में है।