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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Israel-Hamas war: बिजली के संकट से जूझ रहा है Gaza, अस्पताल के जनरेटर में भी तेल खत्म; शरणार्थी हुए बेहाल

    By AgencyEdited By: Sonu Gupta
    Updated: Tue, 24 Oct 2023 05:30 AM (IST)

    गाजा के अल-अक्सा अस्पताल में जेनरेटर से बिजली आपूर्ति हो रही है लेकिन हर बीतते मिनट के साथ वहां का डीजल भंडार कम होता जा रहा है और सैकड़ों मरीजों के ...और पढ़ें

    गाजा के अल-अक्सा अस्पताल की स्थिति गंभीर।
    गाजा के अल-अक्सा अस्पताल की स्थिति गंभीर।

    HighLights

    1. हर मिनट कम हो रहा जेनरेटर चलाने वाला डीजल
    2. इन्क्यूबेटर में रखे 130 शिशुओं के लिए बड़ा खतरा
    3. मलबे में दबे शवों से बढ़ रहा है महामारी का खतरा

    एपी, यरुशलम। गाजा के अल-अक्सा अस्पताल में इन्क्यूबेटर में लेटे अबोध शिशु का दुनिया की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन यही राजनीति उसकी सांसों पर भारी पड़ रही है। इस अस्पताल में जेनरेटर से बिजली आपूर्ति हो रही है लेकिन हर बीतते मिनट के साथ वहां का डीजल भंडार कम होता जा रहा है और सैकड़ों मरीजों के जीवन की चिंता बढ़ती जा रही है।

    गाजा पट्टी के अस्पताल में भर्ती हुए हैं सैकड़ों शिशु

    इजरायल और फलस्तीनियों के बीच पहचान को कायम रखने और पहचान पाने की जंग में गाजा पट्टी के लाखों निर्दोष पिस रहे हैं। उनमें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती समय से पूर्व पैदा हुए 130 शिशु भी शामिल हैं। ये शिशु इन्क्यूबेटर में रखे हुए हैं और उनकी सांसें बिजली आपूर्ति पर निर्भर हैं। इजरायल पर सात अक्टूबर को हुए हमास के बर्बर हमले के बाद इजरायली सेना ने दो हफ्तों से गाजा पट्टी की घेराबंदी कर वहां की बिजली, पानी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति रोक रखी है।

    शनिवार से टुकड़ों में राहत सामग्री की आपूर्ति शुरू हुई है लेकिन वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। इस सामग्री में डीजल और पेट्रोल नहीं हैं, इसके चलते गाजा के अस्पतालों में जेनरेटर नहीं चल पा रहे हैं-एंबुलेंस सेवा जारी रखने में दिक्कत आ रही है।

    बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण सात से ज्यादा अस्पताल बंद

    बीते दिनों में बिजली आपूर्ति न होने से सात से ज्यादा अस्पताल और दो दर्जन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद हो गए हैं। युद्ध के बीच यह स्थिति इसलिए और ज्यादा गंभीर हो गई है क्योंकि गाजा में इजरायली बमबारी में प्रतिदिन सैकड़ों लोग घायल हो रहे हैं। घायलों का आंकड़ा 15,273 तक पहुंच गया है। इन घायलों को इलाज के लिए जिन अस्पतालों में लाया जा रहा है वहां पर बिजली, पानी, दवाओं और उपकरणों की पहले से भारी कमी है। ऐसे में हर बीतते क्षण के साथ गाजा के अस्पतालों की हालत गंभीर होती जा रही है और दसियों हजार मरीजों-घायलों का जीवन खतरे में है।

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    गाजा में बढ़ रहा भीषण मानवीय आपदा का खतरा

    संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन के गाजा में मौजूद अधिकारियों ने भीषण मानवीय आपदा का खतरा जताया है। हर बीतते घंटे के साथ जिंदा लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, जो लोग बमबारी से खंडहर में तब्दील इमारतों के मलबे में दबे हैं उन अभागों की ओर किसी का ध्यान नहीं है। बमबारी के तत्काल बाद हाथों और मामूली साधनों के इस्तेमाल से ही लोग मलबे से निकाले जा रहे हैं। समय बीतने के साथ दबे लोगों को भुलाया जा रहा है और खुद की जान की चिंता लोगों को पलायन करने के लिए मजबूर कर रही है।

    एक तिहाई से ज्यादा इमारतें हुई खंडहर में तब्दील

    एक अनुमान के अनुसार सात अक्टूबर से जारी बमबारी में गाजा के एक तिहाई से ज्यादा बड़ी इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। मलबे में दबे शव वातावरण में बदबू फैला रहे हैं और महामारी का खतरा बढ़ा रहे हैं।

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