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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Israel Hamas War: कब्रिस्तानों में भीड़, लावारिस शवों के लिए किसी के पास वक्त नहीं; 'ईश्वर ऐसे हालात किसी को न दिखाए'

    By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
    Updated: Sun, 29 Oct 2023 06:45 AM (IST)

    Israel Hamas War इन दिनों गाजा के लोगों का पूरा समय अपने खाने-पीने का सामान जुटाने और जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान तलाशने में गुजर रहा है। इजरायली ...और पढ़ें

    Israel Hamas War: कब्रिस्तानों में भीड़, लावारिस शवों के लिए किसी के पास वक्त नहीं (AFP Photo)
    Israel Hamas War: कब्रिस्तानों में भीड़, लावारिस शवों के लिए किसी के पास वक्त नहीं (AFP Photo)

    एपी, यरुशलम। गाजा पट्टी में तीन हफ्ते से जारी बमबारी और अब हो रही टैंकों की गोलाबारी से वहां रह रही 23 लाख की आबादी बेहाल है। इजरायली कार्रवाई में अभी तक साढ़े सात हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और बड़ी संख्या में लाशें मलबे में तब्दील हुई इमारतों के नीचे दबी हुई हैं। हर समय हो रही बमबारी और गोलाबारी के चलते लोगों के पास अब अपनी जान बचाने की कोशिश के अलावा कोई काम नहीं बचा है।

    सुरक्षित स्थान तलाश रहे लोग

    इन दिनों गाजा के लोगों का पूरा समय अपने खाने-पीने का सामान जुटाने और जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान तलाशने में गुजर रहा है। इजरायली हमले में जो लोग मारे गए हैं या जो बीमारी से मर रहे हैं या जो सामान्य मौत के शिकार हो रहे हैं, उनकी लाशें कई स्थानों पर एक साथ दफनाई जा रही हैं। कई ऐसी लाशें जो विकृत हो गई हैं, उनका कोई वारिस नहीं है। उनकी ओर ध्यान देने के लिए किसी के पास समय नहीं है।

    ईश्वर ऐसे हालात किसी को न दिखाए

    उन अभागों के शव जहां-तहां पड़े हैं और महामारी का खतरा पैदा कर रहे हैं। गाजा निवासी उमर दीरावी ने कहा, हम अपने प्रियजनों को रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम विदाई भी नहीं दे पा रहे हैं। दुख की बात यह है कि उन्हें दफनाने के लिए हमें कब्रिस्तान में जगह भी मुश्किल से ही मिल रही है। यह आपदा कभी नहीं भूलने वाली है। ईश्वर ऐसे हालात किसी को न दिखाए।

    गाजा में जमीनी कार्रवाई से बंधकों के रिश्तेदारों में चिंता

    गाजा पट्टी में छिड़ी जमीनी लड़ाई से इजरायल में सात अक्टूबर को अगवा कर गाजा में बंधक बनाए गए और लापता लोगों के परिवारीजन ¨चता में पड़ गए हैं। बढ़ी सैन्य कार्रवाई से लोगों को लग रहा है कि बंधकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। बंधकों के परिवारीजनों ने शनिवार को तेल अवीव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलकर अपनी बात कही।

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    बंधकों की सुरक्षित रिहाई पर नेतन्याहू का बयान

    नेतन्याहू ने उन्हें बताया कि गाजा में सैन्य कार्रवाई का एक उद्देश्य बंधकों को सुरक्षित रिहा कराना भी है। उन्होंने बताया कि गाजा में कार्रवाई का दूसरा चरण शुरू हो गया है। इसी के तहत वहां पर जमीनी और हवाई हमले बढ़ाए गए हैं। इस बीच मास्को गए हमास के प्रतिनिधिमंडल ने रूसी सरकार का आठ बंधकों को रिहा करने का अनुरोध मान लिया है। इन बंधकों के पास रूस और इजरायल की दोहरी नागरिकता है।

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