यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Israel Hamas War: कतर के PM का दावा- युद्धविराम के लिए हमास का रिस्पॉन्स पॉजिटिव, युद्ध रोकने के लिए इजरायल से बात कर रहा अमेरिका
कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी ने दोहा में अमेरिकी राज्य सचिव एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा हमें बंधकों के ...और पढ़ें

HighLights
- खान यूनिस में पिछले 24 घंटों में 14 लोगों की मौत
- सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मिलेंगे एंटनी ब्लिंकन
दोहा, एएफपी। Israel Hamas war। इजरायल और हमास के बीच अस्थायी युद्ध विराम की फिर से एक बार चर्चा हो रही है। युद्ध विराम को लेकर कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थ बना हुआ है।
कतर ने मंगलवार को कहा कि हमास ने संघर्ष विराम प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इस समय अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन खाड़ी देशों के दौरे पर हैं। गाजा में स्थायी संघर्ष विराम के लिए अमेरिका समझौते की कोशिशों में जुटा है।
युद्ध विराम को लेकर हमास ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी: कतर
कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी ने दोहा में अमेरिकी राज्य सचिव एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, "हमें बंधकों के संबंध में समझौते की सामान्य रूपरेखा के संबंध में हमास से जवाब मिला है। जवाब में कुछ टिप्पणियां शामिल हैं, लेकिन आम तौर पर यह सकारात्मक है।"
अब तक 27 हजार से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत
इसी बीच मंगलवार (07 फरवरी) को गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस में इजरायली हवाई हमले में कम से कम 14 फलस्तीनी मारे गए हैं। इस तरह इजरायली हमले में अब तक मारे जाने वाले कुल फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 27, 585 हो गई।
वहीं, इजरायल ने दावा किया है कि उसने 24 घंटे के दौरान पूरे गाजा में हथियारों से लैस दर्जनों फलस्तीनियों को मार गिराया है। इजरायली बलों के निशाने पर इन दिनों खान यूनिस और उसके पास विस्थापित फलस्तीनी हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री से मिले सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने मंगलवार को कहा कि रियाद में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद और अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्षेत्र में शांति के लिए उठाए जाने वाले कदमों को लेकर चर्चा की है।
इसमें स्थायी संघर्ष विराम, बंधकों की रिहाई और मानवीय मदद मुहैया कराना शामिल है। इसके बाद वह मिस्त्र पहुंच गए हैं, जहां उन्होंने राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से बातचीत शुरू की। मिस्र के बाद वह कतर और इजरायल जाएंगे।
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