यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Israel Hamas War: फलस्तीन के लोगों के लिए 'भूत', इजरायल पर हमले का मास्टरमाइंड; आखिर कौन है हमास का 'द गेस्ट'
Israel Hamas War। सीएनएन ने गाजा में अल अजाह विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर मखैमर अबुसादा के हवाले से बताया कि 1965 के आसपास जन्मे अल-म ...और पढ़ें

HighLights
- हमास सरगना अल-मसरी हर रात बदल लेता है ठिकाना
- अल-मसरी को डर, इजरायल पता लगाकर करा सकता है उसकी हत्या
- फलस्तीन नागरिकों के लिए भूत जैसा है अल-मसरी
आइएएनएस, गाजा। Israel Hamas War: इजरायल को दहलाने वाले आतंकी संगठन हमास का सरगना मोहम्मद दियाब इब्राहिम अल-मसरी खौफ के साये में रहता है। वह दशकों से हर रात अपना ठिकाना बदल लेता है। वह अलग-अलग घरों में रहता है। उसे डर है कि इजरायल पता लगाकर उसकी हत्या करा सकता है। इसी वजह से उसे गेस्ट के रूप में जाना जाता है। वह अब हमास की सैन्य शाखा अल कासिम ब्रिगेड का प्रमुख है।
फलस्तीन नागरिकों के लिए भूत जैसा है अल-मसरी
सीएनएन ने गाजा में अल अजाह विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर मखैमर अबुसादा के हवाले से बताया कि 1965 के आसपास जन्मे अल-मसरी को आम फलस्तीनी बहुत कम जानते हैं। वह ज्यादातर फलस्तीन नागरिकों के लिए भूत जैसा है। वह अल कासिम ब्रिगेड फलस्तीन मुक्ति संगठन के तत्कालीन नेता यासिर अराफात द्वारा अपनाई गई शांति प्रक्रिया और 1993 के ओस्लो समझौते के विरोध में था। यह समझौता इजरायल के साथ शांति से रहने वाले एक नए फलस्तीन के दो-राज्य समाधान का मार्ग प्रशस्त करने वाला था।
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बम निर्माण में माहिर
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अल-मसरी बम निर्माण में माहिर माना जाता है। 1996 में यरुशलम और तेल अवीव में हुए चार आत्मघाती हमलों के पीछे उसी का हाथ था। इसमें 65 लोग मारे गए थे। शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने के इरादे से इसे अंजाम दिया गया था।
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2014 में बची थी जान
2014 में एक हवाई हमले में अल-मसरी बच गया था। इसमें उसकी पत्नी और बेटी की मौत हो गई, जबकि उसका एक हाथ, एक पैर का हिस्सा और सुनने की शक्ति चली गई थी। इससे इजरायल के प्रति उसकी नफरत और बढ़ गई।
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अल-मसरी ने इजरायल को भ्रम में रखा
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में अल-मसरी के मार्गदर्शन में हमास ने इजरायल को यह भ्रम में रखने का प्रयास किया कि उसका ध्यान घरेलू मुद्दों और गाजा के पुनर्निर्माण पर है। इसकी आड़ में हमास ने हमलों की तैयारियों को अंजाम दिया।