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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Iran-Israel Tension: इजरायल ने बताया कब करेगा ईरान पर पलटवार? वैश्विक रुख भांपकर नेतन्याहू वॉर कैबिनेट ने लिया ये फैसला

    By Agency Edited By: Sonu Gupta
    Updated: Mon, 15 Apr 2024 10:30 PM (IST)

    Iran-Israel Tension इजरायल की वॉर कैबिनेट ईरान पर पलटवार के लिए सहमत है लेकिन उसके समय को लेकर सदस्यों में मतभेद हैं। कुछ ईरान पर अविलंब हमला चाहते ...और पढ़ें

    इजरायल अभी नहीं करेगा ईरान पर पलटवार। फाइल फोटो।
    इजरायल अभी नहीं करेगा ईरान पर पलटवार। फाइल फोटो।

    HighLights

    1. इजरायल अभी नहीं करेगा ईरान पर पलटवार
    2. देश में स्कूल-कालेज खुले, सतर्कता नियमों में ढील दी गई

    यरुशलम, रायटर। इजरायल की वॉर कैबिनेट ईरान पर पलटवार के लिए सहमत है, लेकिन उसके समय को लेकर सदस्यों में मतभेद हैं। कुछ ईरान पर अविलंब हमला चाहते हैं तो कुछ कुछ दिन के बाद। सुरक्षा परिषद, अमेरिका और जी-7 के बाद रूस, चीन और यूरोपीय देशों ने साफ कर दिया है कि वे युद्ध नहीं चाहते हैं।

    इजरायल अभी नहीं देगा ईरान को जवाब

    यूरोपीय संघ ने सोमवार को कहा कि वह युद्ध की स्थिति में इजरायल का समर्थन नहीं कर पाएंगे। रूस ने कहा है कि पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध किसी के हित में नहीं है। इजरायल में ईरानी हमले पर जवाब का फैसला प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अध्यक्षता वाली वॉर कैबिनेट को करना है। रविवार के बाद सोमवार को भी वॉर कैबिनेट में ईरानी हमले और इजरायल के जवाब पर विचार हुआ, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रुख भांपते हुए इसे कुछ दिनों के लिए टालने पर सहमति बनी है।

    ऋषि सुनक ने की नेतन्याहू से फोन पर बात

    ईरान ने भी साफ किया है कि वह तनाव नहीं बढ़ाना चाहता है लेकिन उस पर हमला हुआ तो वह करारा जवाब देगा। ईरानी हमले की निंदा करने के बाद सोमवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इजरायली समकक्ष नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात की। बातचीत में सुनक ने नेतन्याहू को समर्थन का भरोसा दिया लेकिन क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए भी कहा। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और यूरोपीय संघ ने अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर पश्चिम एशिया के संकट से निपटने का फैसला किया है।

    इजरायली सरकार ने सतर्कता के नियमों में दी ढील

    उल्लेखनीय है कि एक अप्रैल को सीरिया में ईरानी दूतावास पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार को इजरायल पर 300 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें दागी थीं। इजरायली सरकार ने ईरानी हमले से पूर्व लागू सतर्कता के नियमों में सोमवार को ढील दे दी। देश में स्कूल-कॉलेज खोल दिए गए हैं और खुले स्थान पर लोगों के एकत्रित होने पर रोक को खत्म कर दिया गया है।

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    अमेरिका ने कंधे से कंधा मिलाकर ईरानी हमला विफल किया

    इजरायल ने कहा है कि उसने अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ईरान के रविवार के हमले को विफल किया। ईरानी हमले को विफल करने में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इजरायल का पूरा साथ दिया। इस दौरान अमेरिका के एरो 2 और एरो 3 हाई एल्टीट्यूड डिफेंस सिस्टम ने बड़ी भूमिका अदा की। वैसे इजरायली आयरन डोम सहित कई एयर डिफेंस सिस्टम भी हमले के दौरान सक्रिय रहे और उन्होंने सैकड़ों मिसाइलें दागकर ईरानी हमले को विफल किया।

    ईरानी हमले को विफल करने में इजरायल को अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जार्डन का सहयोग मिला। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के अनुसार अमेरिकी सिस्टम ने ईरान के 80 से ज्यादा ड्रोन और छह बैलेस्टिक मिसाइलों को आकाश में ही नष्ट किया।

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