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हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद 'मक्का डिफेंस पैक्ट' लागू, सऊदी अरब में सेना तैनात करेंगे पाकिस्तान और तुर्किए

Published: Tue, 06 Oct 2026 05:53 AM (IST)Updated: Tue, 06 Oct 2026 07:03 AM (IST)

हूती विद्रोहियों द्वारा मक्का और मदीना पर हमलों के बाद सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान ने 'मक्का डिफेंस पैक्ट' को लागू कर दिया है।

सऊदी अरब में सैन्य तैनाती करेंगे पाकिस्तान और तुर्किए (फोटो-रॉयटर्स)

सऊदी अरब में सैन्य तैनाती करेंगे पाकिस्तान और तुर्किए (फोटो-रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, रियाद। यमन में ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ छिड़ी जंग अब क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले चुकी है। मक्का और मदीना को निशाना बनाकर किए गए हूती हमलों के बाद सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान ने अपने 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है।

इसके तहत तीनों देशों ने सऊदी अरब में अपनी सैन्य ताकतों और क्षमताओं की तेजी से तैनाती सुनिश्चित करने का बड़ा फैसला लिया है।

मक्का डिफेंस अलायंस लागू

रियाद में आयोजित मक्का डिफेंस अलायंस की आपात बैठक के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा एक संयुक्त बयान जारी किया गया। इसमें स्पष्ट किया गया कि किसी भी एक सदस्य देश पर हुआ सशस्त्र हमला सभी पर हमला माना जाएगा।

तुर्किए के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने पुष्टि की कि बैठक में सऊदी अरब की रक्षा और सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत लागू करने पर सहमति बनी है। वहीं, सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने कहा कि गठबंधन ने हूती हमलों के जवाब में सामूहिक रोकथाम के उपाय शुरू कर दिए हैं।

मदीना पर हमले के बाद भड़का गुस्सा

तनाव की मुख्य वजह मदीना में स्थित उस बिजली वितरण स्टेशन पर हूती हमला बना, जो पैगंबर की मस्जिद को बिजली की आपूर्ति करता है। सऊदी अरब और उसके सहयोगियों ने पवित्र शहरों को निशाना बनाने की कोशिशों की कड़े शब्दों में निंदा की है।

तीनों देशों ने दोहा और रियाद में हुई बैठकों में दोहराया कि सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा पर कोई भी खतरा तीनों देशों की सामूहिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।

यमन में 'ऑपरेशन यमन डॉन' शुरू

दूसरी ओर, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूतियों के खिलाफ ऑपरेशन यमन डॉन नाम से चौतरफा सैन्य अभियान छेड़ दिया है। यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने घोषणा की कि इस ऑपरेशन का मकसद सना को आजाद कराना और हूती तख्तापलट को खत्म करना है।

सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की के अनुसार, लगभग 100 लड़ाकू विमानों ने सरकारी बलों के समर्थन में भीषण हवाई हमले किए और सैकड़ों हूती ठिकानों को तबाह कर दिया। सऊदी-समर्थित बलों ने रणनीतिक शहर धुबाब, बाब और हदीद पर फिर से अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

यह भीषण लड़ाई ऐसे समय में हो रही है जब हूतियों ने हाल ही में लाल सागर के तटवर्ती इलाकों और मोखा द्वीप पर कब्जा कर लिया था। इससे बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर हूतियों का प्रभाव बढ़ गया था, जहां से दुनिया का लगभग 12 प्रतिशत समुद्री व्यापार गुजरता है।