यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गाजा पट्टी में गधों और पालतू जानवरों का मजबूरन मांस खा रहे फलस्तीनी, आप देखकर रह जाएंगे दंग; भुखमरी जैसे हालात हुए पैदा
दो महीने से ज्यादा से इजरायली हमले झेल रही गाजा पट्टी के ज्यादातर स्थानों पर राहत सामग्री नहीं पहुंच रही है इसके कारण वहां पर भुखमरी के हालात पैदा हो ...और पढ़ें

HighLights
- मांस से भूख शांत करने की कोशिश कर रहे फलस्तीनी
- गाजा के लोगों की जिंदगी के खतरे दिनों-दिन बढ़ते जा रहे
रायटर, काहिरा। दो महीने से ज्यादा से इजरायली हमले झेल रही गाजा पट्टी के ज्यादातर स्थानों पर राहत सामग्री नहीं पहुंच रही है, इसके कारण वहां पर भुखमरी के हालात पैदा हो रहे हैं। भूखी-प्यासी जनता राहत सामग्री के ट्रकों को लूट रही है। लोग पालतू गधों और अन्य जानवरों को काट रहे हैं और उनके मांस से भूख शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने दी है।
जीवन के लिए खतरा बन रही ठंड
इजरायली सेना से घिरे गाजा के लोगों की जिंदगी के खतरे दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं। इजरायली सेना की बमबारी और गोलाबारी से बचने के लिए वे दर-दर भटक रहे हैं। हफ्तों से उन्हें भर पेट खाना-पानी नहीं मिल रहा है। अब बढ़ती ठंड जीवन के लिए नया खतरा बन रही है। गाजा में इस स्थिति से लगभग 20 लाख लोग जूझ रहे हैं। वहां पर युद्ध यदि कुछ हफ्ते और चल गया तो भूख और ठंड से मरने वालों की संख्या हजारों में हो सकती है।

गाजा में कार्य कर रहे मानवाधिकार संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन इन खतरों के बारे में रोज कह रहे हैं, लेकिन आमजनों को ढाल बनाकर लड़ रहे हमास और उसके खात्मे पर आमादा इजरायली सेना किसी की नहीं सुन रहे हैं।