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इजरायल में आइसेनकोट के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ, नेतन्याहू का सत्ता से जाना लगभग तय; यूटीजेड ने साथ छोड़ा

Published: Fri, 06 Nov 2026 05:30 AM (IST)Updated: Fri, 06 Nov 2026 06:59 AM (IST)

चुनाव में आइसेनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन के 48 प्रत्याशी जीते थे। इजरायल में सबसे ज्यादा समय 19 वर्ष तक ...और पढ़ें

इजरायल में आइसेनकोट के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ (फोटो- सोशल मीडिया)

इजरायल में आइसेनकोट के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ (फोटो- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. 19 सांसदों वाली अरब पार्टियों ने किया समर्थन का एलान 

  2. नेतन्याहू का जाना लगभग तय, यूटीजेड ने साथ छोड़ा

रॉयटर, यरुशलम। इजरायल में हफ्ते भर की उहापोह के बाद गुरुवार देर शाम नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया। नई सरकार बनाने के लिए 11 सांसदों वाली अरब पार्टियों के गठबंधन ज्वाइंट लिस्ट के नेताओं ने राष्ट्रपति आइजक हरजोग से मिलकर उन्हें मध्यमार्गी गठबंधन के नेता और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइसेनकोट के समर्थन का पत्र सौंप दिया है।

आठ सांसदों वाली अरब पार्टी राएम पहले ही प्रधानमंत्री पद के लिए आइसेनकोट के समर्थन की घोषणा कर चुकी है। इस प्रकार से आइसेनकोट को कुल 67 सांसदों का समर्थन प्राप्त हो गया है जबकि 120 सदस्यों वाली संसद नीसेट में बहुमत के लिए 61 सांसद साथ होने जरूरी हैं।

विदित हो कि चुनाव में आइसेनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन के 48 प्रत्याशी जीते थे। इजरायल में सबसे ज्यादा समय 19 वर्ष तक सत्ता में रहे बेंजामिन नेतन्याहू नई सरकार के गठन के लिए इस बार बहुमत नहीं जुटा सके।

27 अक्टूबर को हुए चुनाव में उनके गठबंधन को 53 सीटें मिली थीं लेकिन किसी अन्य दल के सांसद ने उन्हें समर्थन नहीं दिया। गुरुवार को नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गठबंधन में शामिल सात सांसदों वाली पार्टी यूनाइटेड टोरा जूडिज्म (यूटीजेड) ने अलग होने की घोषणा कर दी।

इसके बाद नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास केवल 46 सांसद बचे हैं। जूटीजेड ने फिलहाल संसद में अलग बैठने का फैसला किया है। इससे पहले ज्वाइंट लिस्ट के नेताओं ने आइसेनकोट के साथ बैठक कर नई सरकार की नीतियों पर फैसला किया।

आइसेनकोट की शर्त के अनुसार इजरायल को यहूदी राष्ट्र मानते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था से देश चलाया जाएगा। हमास को आतंकी संगठन मानते हुए उसकी सैन्य शक्ति को खत्म किया जाएगा।

सेना में सभी की भर्ती के लिए नियम बदले जाएंगे। देश के गठन के समय नागरिकों के अधिकारों के लिए जो आचार संहिता तय की गई, उसका पालन किया जाएगा।

इन शर्तों पर आइसेनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन से सहमति बनने के बाद अरब पार्टियों के नेता राष्ट्रपति हरजोग के पास गए और उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए आइसेनकोट का समर्थन करने का पत्र सौंप दिया। ज्वाइंट लिस्ट में तीन अरब पार्टियां- हदाश, ताल और बलद हैं, जबकि राएम ने अलग होकर चुनाव लड़ा था।

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