यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Israel Hamas War: दक्षिणी गाजा पर इजरायली हमले की आशंका तेज, PM नेतन्याहू ने शहर से लोगों को हटाने का दिया निर्देश
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने सेना को रफाह से आम लोगों को हटाने की योजना तैयार करने का आदेश दिया है। इससे दक्षिणी गा ...और पढ़ें

एपी, रफाह। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने सेना को रफाह से आम लोगों को हटाने की योजना तैयार करने का आदेश दिया है। इससे दक्षिणी गाजा पर इजरायली आक्रमण की आशंका तेज हो गई है। सात अक्टूबर के बाद से इजरायली हमले में अबतक 27,947 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं।
'रफाह हमास का आखिरी गढ़'
इजरायल का कहना है कि रफाह हमास का आखिरी गढ़ है और उसे इस्लामिक आतंकवादी समूह के खिलाफ अपनी युद्ध योजना को पूरा करने के लिए सेना भेजने की जरूरत है। अनुमान है कि 15 लाख फलस्तीनी गाजा में अन्यत्र हो रही लड़ाई से भागकर इस शहर में आ गए हैं। नेतन्याहू ने कहा कि रफाह में एक बड़े पैमाने पर आपरेशन की जरूरत है।
उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों से दोहरी योजना पेश करने के लिए कहा है, जिसमें नागरिकों की निकासी और हमास की बची आतंकी इकाइयों को ध्वस्त करने के लिए सैन्य अभियान शामिल होगा।
रफाह में कई ठिकानों पर बमबारी
इससे पहले, शुक्रवार को इजरायल ने रफाह में कई ठिकानों पर बमबारी की थी। यह हमला बाइडन प्रशासन के अधिकारियों और सहायता एजेंसियों द्वारा इजरायल को गाजा में हमले का विस्तार के खिलाफ चेतावनी देने के कुछ घंटे बाद हुआ। हवाई हमलों में रफाह में दो आवासीय इमारतों को निशाना बनाया गया, जबकि मध्य गाजा में दो अन्य स्थलों पर बमबारी की गई। इसमें 22 लोग मारे गए।
नेतन्याहू की घोषणा ने मिस्र को भी चिंतित कर दिया है। उसने कहा है कि रफाह में कोई भी जमीनी कार्रवाई या बड़े पैमाने पर सीमा पार विस्थापन इजरायल के साथ उसकी 40 साल पुरानी शांति संधि को कमजोर कर देगा।
खबरें और भी
वहीं, इजरायली सेना ने कहा है कि बंदरगाह शहर हाइफा के पास एक संदिग्ध हवाई लक्ष्य को रोक दिया गया है। हाइफा और अशदोद के बंदरगाह इजरायल के व्यापार के लिए महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार हैं। सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि कोई क्षति नहीं पहुंची है। इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने चेक समकक्ष से मुलाकात की।