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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Afghan Refugees: 'अफगान शरणार्थियों को जबरदस्ती ना निकालें', तालिबान ने पाकिस्तान से किया आग्रह

    By Jagran NewsEdited By: Abhinav Atrey
    Updated: Wed, 01 Nov 2023 06:43 PM (IST)

    पाकिस्तान अपने देश में अफगान शरणार्थियों को चरणबद्ध तरीके से निकालने की कार्रवाई कर रहा है। पाकिस्तान के इस फैसले पर तालिबान की प्रतिक्रिया आई है। ताल ...और पढ़ें

    तालिबान ने पाकिस्तान से शरणार्थियों को ना निकालने का आग्रह किया (फाइल फोटो)
    तालिबान ने पाकिस्तान से शरणार्थियों को ना निकालने का आग्रह किया (फाइल फोटो)

    एएनआई, काबुल। पाकिस्तान अपने देश में अफगान शरणार्थियों को चरणबद्ध तरीके से निकालने की कार्रवाई कर रहा है। पाकिस्तान के इस फैसले पर तालिबान की प्रतिक्रिया आई है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने अफगान शरणार्थियों की मेजबानी करने वाले देशों से उन्हें जबरदस्ती निर्वासित न करने का आह्वान किया है। तालीबान का कहना है कि अफगान प्रवासी अभी इसके लिए तैयार नहीं हैं।

    समाचार एजेंसी एएनआई ने अफगान न्यूज़ चैनल टोलो न्यूज़ की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस्लामी और पड़ोसी शिष्टाचार के आधार पर सहिष्णुता का भी आह्वान किया। तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि अफगानिस्तान में पिछले 45 सालों में युद्धों के कारण अफगानों को विभिन्न देशों में पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

    अफगानों ने मेजबान देशों में समस्याएं पैदा नहीं की है- मुजाहिद

    मुजाहिद के बयान के मुताबिक, अफगानों ने मेजबान देशों में समस्याएं या अस्थिरता पैदा नहीं की है। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पड़ोसी देशों से शरणार्थियों के साथ बेहतर व्यवहार करने का आग्रह किया। दरअसल, तालीबान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार ने अफगान शरणार्थियों के लिए देश छोड़ने की समय सीमा 31 अक्टूबर घोषित की है।

    20 लाख अफगान शरणार्थी पाकिस्तान छोड़ें- पाक सरकार

    पाकिस्तान सरकार ने लगभग 20 लाख अफगान शरणार्थियों को देश छोड़ने के लिए कहा है, ऐसा नहीं करने पर उन्हें जबरन निर्वासित कर दिया जाएगा। सरकार के बयान में कहा गया है, "जिन अफगानों को जबरदस्ती निर्वासित किया जा रहा है, उनकी सामग्री, धन और अन्य संपत्ति उनकी निजी संपत्ति है और किसी को भी उनसे इसे जब्त करने और उन पर अनुचित और अन्यायपूर्ण शर्तें लगाने का अधिकार नहीं है।"

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    तालिबान का अफगान नागरिकों से देश वापस लौटने का आग्रह

    वहीं, तालिबान ने राजनीतिक चिंताओं के कारण निर्वासन का सामना कर रहे अफगान नागरिकों से देश वापस लौटने का आग्रह करते हुए कहा कि वे अफगानिस्तान में शांति से अपना जीवन जी सकते हैं।

    खामा प्रेस के मुताबिक, पाकिस्तान के जबरन निष्कासन के विरोध में अफगान शरणार्थियों के एक ग्रुप ने सोमवार को इस्लामाबाद में संयुक्त राष्ट्र मानव शरणार्थी मानव आयुक्त (UNHCR) के कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू किया।

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