कनाडा की ऐन कार्सन को साहित्य का नोबेल, लेखन की अनूठी शैली ने दिलाया सर्वोच्च सम्मान
स्वीडिश अकादमी ने कनाडाई लेखिका ऐनी कार्सन को वर्ष 2026 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा ...और पढ़ें
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कनाडाई लेखिका ऐनी कार्सन को 2026 के साहित्य नोबेल पुरस्कार की घोषणा (फोटो- @NobelPrize)
HighLights
कनाडाई लेखिका ऐनी कार्सन को 2026 साहित्य नोबेल पुरस्कार।
साहसी, कल्पनाशील लेखन के लिए स्वीडिश अकादमी ने चुना।
शास्त्रीय परंपराओं संग संवाद, समकालीन साहित्य को नए आयाम।
डिजिटल डेस्क, ओटावा। कनाडाई लेखिका ऐनी कार्सन को वर्ष 2026 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। स्वीडिश अकादमी ने गुरुवार को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार का एलान करते हुए कहा कि ऐनी कार्सन को उनके साहसी और कल्पनाशील लेखन के लिए यह सम्मान दिया गया है।
अकादमी के अनुसार, कार्सन के लेखन ने क्लासिकल (शास्त्रीय) परंपराओं के साथ एक रोचक संवाद स्थापित करते हुए समकालीन साहित्य के लिए नए आयाम और रूप गढ़े हैं।
कनाडाई लेखिका ऐनी कार्सन ने 1990 के दशक में कई मशहूर रचनाएं लिखीं हैं। इनमें से एक 'ग्लास, आयरनी, एंड गॉड' (1995) में 'द ग्लास एस्से' है। नोबेल समिति के अनुसार, यह पुरस्कार उनके लेखन की अनूठी शैली और नए विचारों वाले काम के लिए दिया जा रहा है।

नोबेल समिति के अनुसार, कार्सन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह पुरानी कहानियों को सिर्फ दोबारा लिखती नहीं, बल्कि उनमें अपनी कल्पना और आज की जिंदगी की भावनाएं जोड़ती हैं। कई बार उनकी रचनाओं में कविता, कहानी और निबंध की सीमाएं भी समाप्त हो जाती हैं। यही वजह है कि उनकी लेखनी बाकी लेखकों से बहुत अलग नजर आती है।
कब हुआ था जन्म?
लेखिका ऐनी कार्सन का जन्म 1950 में कनाडा के टोरंटो में हुआ था। उन्होंने प्राचीन यूनानी और रोमन साहित्य की पढ़ाई की। साल 1981 में उन्होंने क्लासिक्स जर्नल में 'ओडी एट अमो एर्गो सम' टाइटल से अपनी डॉक्टरेट की थीसिस पब्लिश की।
एपी के अनुसार, स्वीडिश अकादमी ने स्टाकहोम में पुरस्कार की घोषणा की। पुरस्कार के तहत कार्सन को 1.20 करोड़ स्वीडिश क्राउन (12 लाख डॉलर) दिए जाएंगे।
स्टाकहोम यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक और स्वीडिश अकादमी के सदस्य एंडर्स ओल्सन ने कहा कि उनकी रचनाएं शब्दों के प्रति भाषाविद् के जुनून और नए अर्थ की तलाश करने वाले कवि की इच्छा का समागम हैं।
कार्सन ने उत्तरी अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों में प्राचीन साहित्य पढ़ाया है। वह आइसलैंड में भी रही हैं, जहां उन्हें और उनके पति राबर्ट करी को 2022 में नागरिकता मिली थी। वह साहित्य का नोबेल पुरस्कार पाने वाली 19वीं महिला हैं।
रॉयटर् के अनुसार, कार्सन प्राचीन ग्रीक साहित्य के अपने अनुवादों के लिए भी जानी जाती हैं। इन अनुवादों का उनके काम पर गहरा असर दिखाई देता है। उनकी रचनाओं में ओपेरा के गीत, साहित्यिक आलोचना और पद्य-उपन्यास शामिल हैं। स्वीडिश अकादमी की स्थायी सचिव इंग्रिड कार्लबर्ग ने बताया कि जब अकादमी ने कार्सन को पुरस्कार की सूचना देने के लिए संपर्क किया, तो उन्होंने इस पर हैरानी जताई।
2025 में किसे मिला था साहित्य नोबेल पुरस्कार?
हंगेरियन उपन्यासकार लास्जलो क्रास्जनाहोरकाई को 2025 का साहित्य नोबेल पुरस्कार मिला था। यह पुरस्ताकर लास्जलो को उनके दूरदर्शी कार्यों के लिए दिया गया था।
स्वीडिश अकादमी ने उनके लेखन में व्याप्त अंधकार के साथ-साथ अराजकता के बीच कला की भूमिका को रेखांकित किया। उनके उपन्यास पतन और अनिश्चितता से जूझते समाजों की पड़ताल करते हैं। 'वॉर एंड वॉर' और 'सेइओबो देयर बिलो' सहित उनकी रचनाएं साहित्य के अस्तित्व और मानवीय संघर्ष का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
2024 में हान कांग को मिला था यह पुरस्कार
2024 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार दक्षिण कोरियाई लेखिका हान कांग को मिला था। स्वीडिश अकादमी ने ऐतिहासिक आघातों का सामना करने और मानव जीवन की नाजुकता को उजागर करने वाले उनके काव्यात्मक गद्य के लिए उन्हें सम्मानित किया।
हान कांग की रचनाएं हिंसा, शोक और स्मृतियों के आघात से जुड़ी हैं। हान कांग द्वारा लिखे 2007 के उपन्यास 'द वेजिटेरियन' के 2016 में अंग्रेजी अनुवाद ने अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता और उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई।
नॉर्वे के लेखक जॉन फॉस को मिला था 2023 का साहित्य नोबेल पुरस्कार
2023 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार नॉर्वे के लेखक जॉन फोसे को दिया गया था। जॉन फोसे के नवोन्मेषी नाटकों और गद्य के लिए यह सम्मान दिया गया था। उनका पहला उपन्यास 'राउड्ट, स्वार्ट' 1983 में आया, जबकि 1996 के नाटक 'समवन इज गोइंग टू कम' से उन्हें अंतरराष्ट्रीय सफलता मिली।
फॉस की पहचान ऐसे अनुभवों को अभिव्यक्ति देने के लिए है जिन्हें शब्दों में ढालना कठिन होता है। उनकी शैली में पुनरावृत्ति, मौन, विराम और संक्षिप्त बातचीत के जरिए एकाकीपन, चिंता, मृत्यु और आध्यात्मिकता की पड़ताल होती है।
