Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पुश इन की घटनाएं नहीं होने की उम्मीद', बोले बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन

    Updated: Wed, 06 May 2026 08:00 PM (IST)

    बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने उम्मीद जताई है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने पर अवैध रूप से बसे बांग्लादेशियों को जबरन वापस नहीं भे ...और पढ़ें

    बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद

    बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश को उम्मीद है कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर लोगों को वहां से बांग्लादेशी भूमि पर नहीं धकेला जाएगा। ये वे लोग हैं जो वर्षों पूर्व अवैध रूप से सीमा पार करके बांग्लादेश से जाकर बंगाल में बस गए हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण (एसआईआर) में इन्हीं को भारतीय नागरिक न मानते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने उनका मताधिकार रद किया है।

    बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, उन्हें उम्मीद है कि भारत की ओर से लोगों को जबरन बांग्लादेश भेजने की कोई कोशिश नहीं होगी। बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद नई सरकार बनने पर वहां से बांग्लादेशी घुसपैठियों को भेजने के आसार पर पूछे सवाल के जवाब में अहमद ने यह बात कही।

    अहमद ने कहा, इस उम्मीद के बावजूद बार्डर गार्ड बांग्लादेश को लोगों को जबरन भेजने की भारत की कोशिश को रोकने के लिए सीमा पर सतर्क रहने के लिए कहा गया है। विदित हो कि भाजपा ने बंगाल में विधानसभा चुनाव में और उससे पहले बांग्लादेशी घुसपैठियों से भारत को हो रहे नुकसान को मुद्दा बनाया था।

    बंगाल ही नहीं बांग्लादेश से सटे बंगाल के पड़ोसी राज्य असम में भी भाजपा तीसरी बार चुनाव जीतकर सरकार बनाएगी। गृह मंत्री अहमद का यह बयान बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलील-उर-रहमान के उस बयान के बाद आया है कि बंगाल से अगर लोगों को जबरन धकेलने की कोशिश की गई तो बांग्लादेश उसे रोकने के लिए कार्रवाई करेगा।

    खबरें और भी

    रहमान ने यह बयान सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के फेसबुक पेज पर दिया है। उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में बांग्लादेश घुसपैठियों का मुद्दा भारत-बांग्लादेश संबंधों में मुख्य रूप से चर्चा में रहा है। इस घुसपैठ के चलते हाल के दशकों में बंगाल, असम और अन्य पड़ोसी राज्यों की भूराजनीतिक और सामाजिक स्थिति बदली है।

    (न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)