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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Myanmar: म्यांमार नरसंहार में मरने वालों की संख्या 160 के पार, सेना की ओर से की गई थी हवाई कार्रवाई

    By AgencyEdited By: Sonu Gupta
    Updated: Sun, 16 Apr 2023 05:46 AM (IST)

    म्यांमार की ओर से सागैंग क्षेत्र के पा जी ग्यी गांव में एक आयोजन के दौरान सेना की ओर से की गई हवाई कार्रवाई में मरने वालों की संख्या बढ़कर 160 हो गई ह ...और पढ़ें

    म्यांमार नरसंहार में मरने वालों की संख्या 160 के पार।
    म्यांमार नरसंहार में मरने वालों की संख्या 160 के पार।

    कंबालू, एएनआई। म्यांमार की ओर से सागैंग क्षेत्र के पा जी ग्यी गांव में एक आयोजन के दौरान सेना की ओर से की गई हवाई कार्रवाई में मरने वालों की संख्या बढ़कर 160 हो गई है। कंबालू में मंगलवार को 200 लोगों पर फाइटर जेट से दो बम गिराए गए। इसके ठीक बाद एमआइ 35 हेलीकाप्टर से 10 मिनट तक गोलीबारी की गई थी।

    कार्यालय उद्घाटन समारोह के दौरान हुई थी कार्रवाई

    मालूम हो कि वे सभी कंबालू टाउनशिप पीपुल्स एडमिनिस्ट्रेशन टीम के नए कार्यालय के उद्घाटन समारोह में जमा हुए थे। इसे सेना की ओर से आतंकी संगठन करार दिया गया है।हमले के बाद शव क्षत-विक्षत पड़े थे। लोगों की पहचान होना भी कठिन था।

    शव निकालने में लगे तीन दिन

    सूत्रों ने कहा है कि शव निकालने में तीन दिन लग गए, क्योंकि सेना ने क्षेत्र में विमान भेजना जारी रखा और अगले हमले की धमकी दी गई थी। कंबालू जिला पीपुल्स डिफेंस फोर्स की बटालियन-4 के एक प्रवक्ता ने बताया कि पीडि़तों में 78 पुरुष, 22 महिलाएं और 23 बच्चे थे। साथ ही 35 लोग ऐसे थे जिनकी उम्र और लिंग का निर्धारण नहीं हो पाया है।

    पहले भी हुई है इस प्रकार की घटना

    मालूम हो कि इससे पहले 14 मार्च को म्यांमार सेना ने एक बौद्ध मठ पर हमला कर 28 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। एक विद्रोही संगठन कारेन्नी नेशनलिस्ट डिफेंस फोर्स (केएनडीएफ) ने यह दावा किया था।

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    म्यांमार की सेना ने एक फरवरी, 2021 को आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार से सत्ता हथिया ली थी। इसके बाद उन्हें और उनकी सत्तारूढ़ नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी के शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। इसके खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन हुए और लगभग 2 हजार से अधिक नागरिकों की मौत हो गई। इस सैन्य कार्रवाई ने देश के अधिकांश हिस्सों में लोगों को हथियार उठाने के लिए मजबूर किया।