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फ्रांस-इटली और स्पेन समेत यूरोप के कई देशों में हिंसक प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे लाखों लोग

Published: Sun, 25 Oct 2026 01:53 PM (IST)Updated: Sun, 25 Oct 2026 04:01 PM (IST)

यूरोप के कई देशों फ्रांस, अल्बानिया, इटली, स्पेन और पुर्तगाल में महंगाई, आवास संकट, पेंशन कटौती और भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए।

प्रदर्शन की आग में जल रहा यूरोप(फोटो: रॉयटर्स)

प्रदर्शन की आग में जल रहा यूरोप(फोटो: रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूरोप के कई देशों में वीकेंड पर महंगाई, आवास संकट, पेंशन कटौती, शिक्षा व्यवस्था में गिरावट, भ्रष्टाचार और युद्ध के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। शनिवार को फ्रांस, अल्बानिया, इटली, स्पेन और पुर्तगाल में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।

कई शहरों में प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हिंसक झड़पें हुईं, जिसके बाद सरकारों को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी और कुछ स्थानों पर सेना तक को तैनात करना पड़ा।

protest in france

फ्रांस में हिंसक झड़प के बाद 1000 के करीब गिरफ्तार

फ्रांस में शनिवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान भारी तनाव देखा गया। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के अनुसार, देशभर में लगभग 1000 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

सरकार के अनुमान के मुताबिक करीब 4.10 लाख लोगों ने इन रैलियों में हिस्सा लिया, जबकि आयोजकों ने यह संख्या लगभग 8 लाख बताई।

पेरिस में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प के बाद पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागे। उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए पुलिस हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए।

वामपंथी नेता ज्यां-लुक मेलेंशों ने पुलिस की सख्त कार्रवाई की आलोचना की, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक चुनावी रैली में फ्रांस के हालात के लिए वहां की इमिग्रेशन नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।

protest in albania

अल्बानिया में सरकार और भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सा

अल्बानिया की राजधानी तिराना समेत कई शहरों में छात्रों के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और खराब शिक्षा व्यवस्था को लेकर आक्रोशित थे।

उन्होंने ट्यूशन फीस कम करने और शिक्षा बजट बढ़ाने की मांग के साथ-साथ प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की भी मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कृषि मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर आग लगा दी, सरकारी इमारतों और बैंकों को निशाना बनाया तथा पुलिस पर पत्थर और पटाखे फेंके। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दंगा रोधी पुलिस ने आंसू गैस, वॉटर कैनन और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया।

protest in italy (2)

इटली में सेना के 500 अतिरिक्त जवान तैनात

इटली के मिलान, रोम, ट्यूरिन, नेपल्स और फ्लोरेंस जैसे शहरों में युवाओं ने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर मार्च निकाला। पुलिस ने आठ शहरों से 9 लोगों को गिरफ्तार किया और 371 लोगों को अस्थायी तौर पर हिरासत में लिया, जिनमें 110 नाबालिग शामिल थे।

रोम में प्रदर्शनकारियों के एक छोटे समूह ने ऐतिहासिक कोलोसियम में जबरन घुसने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। हिंसा की आशंका को देखते हुए मिलान के फैशन हब में दुकानों ने खिड़कियों पर सुरक्षा बोर्ड लगा दिए थे।

प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की घोषणा की और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।

protest in spain_

स्पेन में पेंशन और आवास संकट को लेकर प्रदर्शन

स्पेन की राजधानी मैड्रिड में हजारों पेंशनभोगियों और आम नागरिकों ने सार्वजनिक पेंशन प्रणाली की सुरक्षा और महंगाई के अनुसार पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम पेंशन को न्यूनतम वेतन के बराबर करने, महिला-पुरुष पेंशन अंतर को खत्म करने और पेंशन के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग उठाई।

यह प्रदर्शन अगले महीने होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले हुआ है। इसके साथ ही, स्पेन में बढ़ते किराये और घरों की बढ़ती कीमतों ने भी जनता के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया है।

protest in Portugal

पुर्तगाल में महंगे मकानों के खिलाफ टेंट लगाकर विरोध

पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में हजारों लोगों ने हाउसिंग क्राइसिस और बढ़ती महंगाई के खिलाफ मार्च किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि युवाओं के लिए घर खरीदना या किराए पर लेना नामुमकिन होता जा रहा है। मार्च के बाद प्रदर्शनकारियों ने रॉसियो स्क्वायर में 100 से अधिक टेंट लगाकर डेरा डाल दिया, जिसे पुलिस ने रविवार तड़के बलपूर्वक हटा दिया।

प्रदर्शनकारियों ने उस नए कानून को वापस लेने की मांग की जिससे किरायेदारों को बेदखल करना आसान हो जाएगा और नए पट्टों पर किराया सीमा हट जाएगी।

गौरतलब है कि पुर्तगाल में 2017 के बाद से घरों की कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो चुकी हैं और बैंक ऑफ पुर्तगाल के अनुसार देश में करीब 3 लाख घरों की भारी कमी है।

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