जर्मनी में रिकॉर्डतोड़ गर्मी का कहर, 6 महीने में पांच हजार से ज्यादा लोगों की मौत
जर्मनी में इस साल भीषण गर्मी से 5120 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें महिलाएं और 75 वर्ष से अधिक उम्र के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं

गर्मी के इस कहर का सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं बनीं (फोटो: रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, बर्लिन। जर्मनी में भीषण गर्मी का कहर इस कदर टूटा है कि केवल इस साल हीटवेव से 5120 लोगों की मौत हो गई। गर्मी के इस कहर का सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं बनीं। आंकड़े बता रहे हैं कि हीटवेव से पुरुषों के मुकाबले ज्यादा महिलाओं की मौत हुई।
पब्लिक हेल्थ के लिए काम करने वाले रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट ने ये जानकारी साझा की है। इसके मुताबिक, सबसे ज्यादा मौतें जून के मौसम में हुईं, जब औसत तापमान काफी ज्यादा था। मरने वालों में लगभग 4270 लोग 75 साल या उससे ज्यादा उम्र के थे।
हीटवेव का असर सिर्फ जर्मनी में ही नहीं देखा गया। EU की कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस ने गुरुवार को एक बुलेटिन में कहा कि पश्चिमी यूरोप में जून का महीना अब तक का सबसे गर्म महीना रहा। फ्रांस, बेल्जियम, स्पेन और नीदरलैंड में 20-28 जून के बीच पड़ी गर्मी की लहर के दौरान 4700 से ज्यादा अतिरिक्त मौतें होने की जानकारी भी सामने आई है।
जून महीने में बर्लिन में गर्मी इतनी अधिक थी कि जहां तापमान शनिवार को 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। पुलिस ने राहत की तलाश में लोगों पर पानी का छिड़काव करने के लिए शहर में दो पानी की तोपें तैनात की थीं।
पूर्वी राज्य सैक्सनी-ऑनहाल्ट के मोकर्न-ड्रेविट्ज में 41.5 डिग्री सेल्सियस का नया रिकॉर्ड बन गया था। आरहुस के पास 37 डिग्री सेल्सियस का तापमान दर्ज किया गया था, जो 1874 में माप शुरू होने के बाद से सबसे अधिक था। चेक गणराज्य में भी तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया था।
(न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)
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